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Sand Mining: नदी में बने गहरे गड्ढे में डूबा युवक, रेस्क्यू टीम भी पांच घंटे बाद पहुंची

Sand Mining: नदी में बने गहरे गड्ढे में डूबा युवक, रेस्क्यू टीम भी पांच घंटे बाद पहुंची

Sand Mining: नदी में बने गहरे गड्ढे में डूबा युवक, रेस्क्यू टीम भी पांच घंटे बाद पहुंची, गुरुवार सुबह फिर से आपदा टीम रेस्क्यू के लिए नदी क्षेत्र में उतरेगी। इधर मजदूर के स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने घटना के बाद खदान संचालक के भाग जाने का आरोप लगाया है।

। सिंध नदी क्षेत्र में रेत खनन से बने गहरे जानलेवा गड्डों में बुधवार को एक बार फिर हादसा हो गया। यहां स्थित रूहेरा खदान पर रेत उत्खनन के लिए लगी मशीन से बनाए गड्ढे में युवक डूब गया। 19 वर्षीय यह युवक रूहेरा गांव का ही निवासी था।

वह स्वयं शिवा कार्पोरेशन में एलएनटी मशीन को चलाने के लिए हेल्पर का काम करता था। घटना के वक्त वह नदी में नहाने गया और अनजाने में गड्ढे में चला गया।

घटना की खबर लगने पर ग्रामीण और युवक के स्वजन मौके पर पहुंचे। लेकिन उसे निकाल पाने में असफल रहे। वहीं घटना के करीब पांच घंटे बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। जिसके बाद गोताखोरों ने नदी में डूबे युवक की तलाश शुरू की।

देर शाम तक युवक की तलाश की जाती रही। लेकिन उसका पता नहीं लग सका। गुरुवार सुबह फिर से आपदा टीम रेस्क्यू के लिए नदी क्षेत्र में उतरेगी। इधर मजदूर के स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने घटना के बाद खदान संचालक के भाग जाने का आरोप लगाया है।

क्षेत्र के जनपद सदस्य ने नदी क्षेत्र में मनमाने तरीके से किए जा रहे रेत खनन के कारण बने गड्ढों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। जानकारी के अनुसार बुधवार की सुबह 11 बजे रुहेरा निवासी दीपेंद्र सिंह पुत्र राम अवतार जाटव सिंध नदी में नहाने गया था। जहां वह अचानक डूब गया।

ग्रामीणों को जब इसकी सूचना मिली तो काफी संख्या में लोग वहां पहुंचे। जिस जगह पर युवक डूबा, वह अधिक गहराई में होने के कारण लोग कुछ नहीं कर सके। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में खासा रोष नजर आया।

रेस्क्यू टीम भी पांच घंटे बाद पहुंची

युवक के गड्ढे में डूब जाने की घटना की खबर पुलिस को दी गई। लेकिन करीब पांच घंटे बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच सकी। तब तक ग्रामीण अपने स्तर पर युवक को तलाशने का प्रयास करते रहे। लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।
इसके बाद जब रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची तो गोताखोरों को काम पर लगाया गया। काफी देर तक उन्होंने ने भी प्रयास किए। लेकिन नदी में डूबे युवक की खोज नहीं हो सकी। स्थानीय लोगों के अनुसार युवक नदी के किनारे बने गड्ढे में जाने के कारण इस हादसे का शिकार हो गया।

जनपद सदस्य बोले पूरा गांव करेगा आंदोलन

युवक दीपेंद्र के नदी में डूब जाने की घटना के बाद स्वजन गहरे सदमे में आ गए। मृतक के पिता राम अवतार का कहना था कि उनका बेटा शिवा कार्पोरेशन द्वारा चलाई जा रही खदान पर एलएनटी मशीन में हेल्पर का कार्य करता था। वह यही रहता था और इसीलिए नहाने धोने के लिए अक्सर नदी पर ही जाता था। बुधवार को भी वह नहाने गया था।

लेकिन इस बार वह लौटकर नहीं आया। दूसरी ओर जनपद सदस्य गुरुसिंह गुर्जर का कहना था कि लिफ्ट मशीन और पनडुब्बी द्वारा बड़े-बड़े गहरे गड्ढे नदी क्षेत्र में कर दिए गए हैं। 40-40 फीट गहरे इन गड्डों में डूबकर अक्सर लोगों की मौत हो जाती है। चार महीने पहले भी यहां वारदात हुई थी।
हर वर्ष तीन-चार लोगों की मौत होती है। वह कई बार मशीनों को हटवाने के लिए अधिकारियों से निवेदन कर चुके हैं पर किसी के द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जाती। अब इस घटना के बाद पूरा गांव आंदोलन करेगा।

रेत खनन में हो रहा नियमों का उल्लंघन

सेवढ़ा अनुभाग के रूहेरा क्षेत्र में रेत की खदान संचालित है। नियम अनुसार नदी के तल से रेत उठाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहता है। रेत उठाने के नियमों के तहत केवल नदी किनारे की रेत मजदूरों द्वारा उठवाई जा सकती है। वहीं मशीन लगाकर रेत उठाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।

स्थानीय लोगों की मानें तो इस खदान पर बड़ी-बड़ी मशीन लगाकर रेत उठाई जाती है। नतीजतन नदी के आसपास कई जगह गहरे गड्ढे हो चुके हैं। अक्सर यहां नहाने के लिए जाने वाले लोग इनमें डूब जाते हैं। बुधवार से पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक इसे लेकर पहले भी शिकायत की जा चुकी है। लेकिन अभी तक इसे संज्ञान में नहीं लिया गया। जिसके चलते फिर से एक बड़ा हादसा हो गया।

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