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यूपी में बिजली कटौती पर योगी का हंटर; ऊर्जा मंत्री पहुंचे कंट्रोल रूम, लापरवाह इंजीनियरों पर गिरेगी गाज

यूपी में बिजली कटौती पर योगी का हंटर; ऊर्जा मंत्री पहुंचे कंट्रोल रूम, लापरवाह इंजीनियरों पर गिरेगी गाज

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में जारी भयंकर हीटवेव (भीषण गर्मी) के बीच बिजली कटौती से हाहाकार मचा हुआ है। राजधानी लखनऊ सहित कानपुर, बांदा, बरेली, मेरठ, अलीगढ़ और चंदौली समेत प्रदेश के 26 से अधिक छोटे-बड़े शहर और ग्रामीण इलाके इस समय भारी बिजली संकट से जूझ रहे हैं। जनता की बढ़ती परेशानियों को देखते हुए रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऊर्जा मंत्री एके शर्मा, पावर कॉर्पोरेशन (UPPCL) और सभी डिस्कॉम (Discoms) के अधिकारियों के साथ एक आपातकालीन हाई-लेवल बैठक की। बैठक में सीएम योगी ने दो टूक शब्दों में कहा कि बिजली आपूर्ति में किसी भी स्तर पर की गई लापरवाही या हीलाहवाली को “किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 सीएम योगी का नया रोस्टर: शहरों में 24 और गांवों में 18 घंटे बिजली

बढ़ते तापमान और एसी-कूलर के अत्यधिक उपयोग के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। इस मांग को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने नया पावर-शेड्यूल और 6 कड़े निर्देश जारी किए हैं

उत्पादन इकाइयों को आदेश: राज्य की सभी बिजली उत्पादन (Power Production) इकाइयों को उनकी पूरी क्षमता (Full Capacity) के साथ चौबीसों घंटे चलाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि ग्रिड पर लोड कम किया जा सके।

यूपी में बिजली सप्लाई को लेकर CM योगी के 6 बड़े निर्देश:

  • शहरी क्षेत्रों में: बिना किसी कटौती के 24 घंटे निर्बाध बिजली सुनिश्चित की जाए।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में: रोस्टर के अनुसार अनिवार्य रूप से 18 घंटे बिजली सप्लाई मिले।
  • प्रोडक्शन: बिजली उत्पादन की क्षमता (Production Capacity) को तुरंत बढ़ाया जाए।
  • नेटवर्क: ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत किया जाए ताकि ओवरलोडिंग से ट्रांसफार्मर न फुकें।
  • मॉनिटरिंग: हर सब-स्टेशन पर फीडर वाइज (Feeder-wise) लाइव मॉनिटरिंग की जाए।
  • शिकायत निवारण: टोल-फ्री नंबरों पर आने वाली उपभोक्ताओं की शिकायतों का तत्काल निपटारा हो।

 लापरवाही पर सीधे निलंबन (Suspension) की गाज

मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि कागजों पर आदेश मानने और जमीन पर कटौती करने वाले अधिकारियों के दिन अब लद चुके हैं। आदेश का पालन न करने वाले और फोन बंद रखने वाले अभियंताओं (Engineers) पर सख्त विभागीय और दंडात्मक कार्रवाई होगी।

  • पहले ही हो चुका है ऐक्शन: बिजली सप्लाई में लापरवाही बरतने के आरोप में यूपी पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन के कई वरिष्ठ अधिकारियों और गाजियाबाद-मेरठ जोन के दोषी इंजीनियरों को पहले ही सस्पेंड (निलंबित) किया जा चुका है।

  • 24 घंटे एक्टिव रहेंगे कंट्रोल रूम: राज्य के सभी जिलों में बने बिजली कंट्रोल रूम को 24 घंटे एक्टिव रखने का आदेश दिया गया है।

 एक्शन में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा, ‘1912’ पर खुद की बात

सीएम योगी के कड़े तेवरों के बाद उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा भी खुद तपती गर्मी में ग्राउंड जीरो पर उतर आए हैं। ऊर्जा मंत्री ने अचानक लखनऊ स्थित ‘1912’ केंद्रीय बिजली शिकायत कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने न केवल व्यवस्थाएं देखीं, बल्कि वहां हेडफोन लगाकर शिकायत करने वाले आम उपभोक्ताओं से सीधे फोन पर बात की। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि तकनीकी फॉल्ट और लोकल ट्रिपिंग की समस्याओं को ठीक करने के लिए अतिरिक्त टीमें फील्ड में तैनात कर दी गई हैं और स्थिति में जल्द सुधार दिखेगा।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि