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Yashbharat.com EXCLUSIVE: मोदी के ‘अंग-बंग-कलिंग’ शंखनाद से हिला बंगाल का सिंहासन; क्या 75 साल के सियासी इतिहास में आज पहली बार ढहेगा ‘ममता’ का दुर्ग?

Yashbharat.com EXCLUSIVE: मोदी के 'अंग-बंग-कलिंग' शंखनाद से हिला बंगाल का सिंहासन; क्या 75 साल के सियासी इतिहास में आज पहली बार ढहेगा 'ममता' का दुर्ग?

Yashbharat.com EXCLUSIVE: मोदी के 'अंग-बंग-कलिंग' शंखनाद से हिला बंगाल का सिंहासन; क्या 75 साल के सियासी इतिहास में आज पहली बार ढहेगा 'ममता' का दुर्ग?

Yashbharat.com EXCLUSIVE: मोदी के ‘अंग-बंग-कलिंग’ शंखनाद से हिला बंगाल का सिंहासन; क्या 75 साल के सियासी इतिहास में आज पहली बार ढहेगा ‘ममता’ का दुर्ग? पश्चिम बंगाल, जिसे भारत की राजनीतिक चेतना का केंद्र माना जाता है, आज एक बार फिर इतिहास रचने की दहलीज़ पर खड़ा है। 293 सीटों पर हो रही मतगणना यह तय करेगी कि बंगाल अपनी परंपरा दोहराएगा या कोई नया अध्याय शुरू होगा। Yashbharat.com आपको बता रहा है कि आज़ादी से लेकर अब तक बंगाल की सत्ता की चाबी किसके पास रही।

Yashbharat.com EXCLUSIVE: मोदी के ‘अंग-बंग-कलिंग’ शंखनाद से हिला बंगाल का सिंहासन; क्या 75 साल के सियासी इतिहास में आज पहली बार ढहेगा ‘ममता’ का दुर्ग?

1. 1952-1977: कांग्रेस का शुरुआती वर्चस्व

आज़ादी के बाद पश्चिम बंगाल में कांग्रेस का एकछत्र राज था। डॉ. बिधान चंद्र रॉय, जिन्हें आधुनिक बंगाल का निर्माता कहा जाता है, ने लंबे समय तक राज्य की कमान संभाली। हालांकि, 1960 के दशक के उत्तरार्ध में राजनीतिक अस्थिरता का दौर भी आया, जिसमें अजय मुखर्जी के नेतृत्व वाली ‘युक्त फ्रंट’ सरकारों और राष्ट्रपति शासन का मिला-जुला असर रहा। 1972 में सिद्धार्थ शंकर राय के नेतृत्व में कांग्रेस ने फिर वापसी की, जो 1977 तक चली।

2. 1977-2011: लेफ्ट का ‘लाल किला’ (34 साल का रिकॉर्ड)

1977 में बंगाल ने वह देखा जो दुनिया के लोकतांत्रिक इतिहास में विरल है। ज्योति बसु के नेतृत्व में वाम मोर्चा (Left Front) सत्ता में आया और लगातार 34 वर्षों तक राज किया।

3. 2011-वर्तमान: ममता बनर्जी और ‘माँ, माटी, मानुष’

2011 में ममता बनर्जी ने ‘परिवर्तन’ का नारा दिया और 34 साल पुराने वामपंथी शासन को उखाड़ फेंका। तब से लगातार तीन बार ममता बनर्जी मुख्यमंत्री बनीं। लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद यहाँ भाजपा एक मज़बूत चुनौती बनकर उभरी है।


बंगाल का ‘पावर टेबल’: कब किसका रहा राज?

कालखंड सत्ताधारी दल/गठबंधन प्रमुख मुख्यमंत्री
1952 – 1977 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस डॉ. बिधान चंद्र रॉय, सिद्धार्थ शंकर राय
1977 – 2011 वाम मोर्चा (CPI-M) ज्योति बसु, बुद्धदेव भट्टाचार्य
2011 – 2026 तृणमूल कांग्रेस (TMC) ममता बनर्जी
2026 – ? फैसला आज… रुझानों में BJP आगे

आज के रुझान: क्या बदल जाएगा इतिहास?

Yashbharat.com के पास उपलब्ध ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, भाजपा 145+ सीटों पर बढ़त बनाकर बहुमत के करीब पहुँच रही है। अगर यह रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो बंगाल के 75 साल के इतिहास में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी।

क्या बंगाल फिर से ‘परिवर्तन’ को चुनेगा या ‘दीदी’ की वापसी होगी? सबसे तेज़ और सटीक विश्लेषण के लिए देखते रहें Yashbharat.com!

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