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world Bank से मोदी को बड़ी राहत, टॉप 100 देशों में भारत शामिल

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नई दिल्ली: नोटबंदी और वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) के लागू होने के बाद अर्थव्यवस्था में सुस्ती को लेकर विपक्ष के निशाने पर आई मोदी सरकार को आज विश्व बैंक से बड़ी राहत मिली। आसानी से कारोबार करने (इज ऑफ डूइंग बिजनेस) के मामले में भारत 30 पायदान की लंबी छलांग लगाकर 100वें स्थान पर आ गया। विश्व बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेतली ने कहा कि इससे साफ होता है कि सरकार ने आर्थिक सुधार की दिशा में जो कड़े कदम उठाये हैं वे फलीभूत होते नजर आ रहे हैं।

कारोबार के मामले में भारत ने लगाई लंबी छलांग
दुनिया भर 190 देशों में आसानी से कारोबार करने के मामले में भारत एकमात्र ऐसा देश है जिससे इतनी लंबी छलांग लगायी है। रिपोर्ट के अनुसार आसानी से कारोबार करने के मुख्य संकेतक में भारत का स्कोर पिछले साल के 60.76 की तुलना में सुधरकर 56.05 हो गया। भारत इस सूचकांक में शामिल 10 संकेतकों में से आठ में सुधार लागू करने वाले देशों में शामिल है।

भारत में सुधार की रफ्तार हुई तेज
रिपोर्ट के अनुसार छोटे निवेशकों के हितों की रक्षा, कर्ज पाने, कंस्ट्रक्शन परमिट हासिल करने, ठेके को लागू करने और दिवालिया प्रक्रिया पूरा करने जैसे मामलों में भी भारत की स्थिति बेहतर हुई है। हालांकि कारोबार शुरु करने में लगने वाले वक्त जैसे कुछ मामलों में स्थिति अभी भी बेहतर नहीं है। वर्ल्ड बैंक ये मानता है कि 15 साल पहले देश में कारोबार शुरु में 127 दिन का वक्त लगता था, जबकि अब 30 दिन का समय लगता है। हालांकि बीते साल के ये सर्वे में ये समय 26 दिन था। यही वजह है कि कारोबारी शुरु करने के पैमाने पर भारत की रैकिंग 190 देशों में 115 वें स्थान से खिसक कर 156 पर पहुंच गयी है।

व्यापार के मामले में लुधियाना नंबर 1
अगर पूरे दक्षिण एशिया की बात करें तो भूटान 75वें स्थान के साथ सबसे आगे है जबकि भारत 100वें पायदान के साथ दूसरे और नेपाल 105वें स्थान के साथ तीसरे पायदान पर है। श्रीलंका की रैकिंग 11वीं, मालद्वीप की 136वीं और पाकिस्तान की 147वीं है। भारत के सुधार कार्यक्रमों में प्रॉविडेंट फंड के लिए इलेक्ट्रॉनिक भुगतान की सुविधा और कॉरपोरेट टैक्स की दर में कमी के साथ अनुपालन का खास तौर पर जिक्र किया गया है। भारत में व्यापार करने के मामले में पंजाब का लुधियाना शहर नंबर वन है। वहीं हैदराबाद दूसरे और भुवनेश्वर तीसरे नंबर पर है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली छठे, मुंबई 10वे, नोएडा 12वें और कोलकाता 17वें नंबर पर है।

30वें स्थान पर आने का भारत का लक्ष्य
गत साल भारत घाना, युगांडा और वियतनाम जैसे देशों से भी पीछे था और इसे देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न मंत्रालयों को आर्थिक सुधार उपायों को लागू करने में तेजी लाने का निर्देश दिया था। उन्होंने लालफीताशाही और निवेश के लिए अनुमति मिलने में होने वाली देर की प्रक्रिया को दुरुस्त करने का निर्देश भी दिया था। भारत का लक्ष्य वर्ष 2030 तक इस सूचकांक में 30वें स्थान पर आने का है।

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