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इधर सुनीता विलियम्स की वापसी की आस में अमेरिका, उधर चीन ने अंतरिक्ष में रच दिया इतिहास

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कटनी। इधर सुनीता विलियम्स की वापसी की आस में अमेरिका, उधर चीन ने अंतरिक्ष में रच इतिहास दिया। जहां एक तरफ पूरी दुनिया की निगाहें सुनीता विलियम्स की वापसी कब होगी इस पर टिकी हुई हैं, वो अंतरिक्ष में कैसे रह पा रही हैं, कब तक वापसी होगी, मिशन सफल हुआ या नहीं इन सवालों में उलझे हुए हैं. वहीं दूसरी तरफ चीन ने अंतरिक्ष में छलांग लगाई है और इतिहास रच दिया है।

चीन तकनीक, साइंस में आगे रहने वाला देश है और इसी देश ने अंतरिक्ष में एक और इतिहास रच दिया है. जहां अपने मिशन को पूरा करने के लिए अमेरिका ने दो यात्रियों को अंतरिक्ष पर भेजा हुआ है वहीं दूसरी तरफ चीन ने खामोशी से एक और इतिहास अपने नाम कर लिया है. दरअसल, चीन ने बुधवार को अपना साढ़े 6 घंटे का दूसरा स्पेसवॉक पूरा किया.

चीन ने रचा इतिहास

चीन ने शेनझोउ-18 मिशन के तहत यह इतिहास रचा. इस मिशन पर चीन ने तीन चीनी अंतरिक्ष यात्रियों को भेजा था. जिन्होंने इस मिशन में सफलता हासिल की. स्पेसवॉक करते समय सफेद स्पेससूट पहने शेनझोउ-18 के चालक दल के सदस्य ली कांग की तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है. हालांकि ली कांग ने पहली बार स्पेसवॉक किया था. जबकि चाईना स्पेस एजेंसी के मुताबिक अब तक 17 एस्ट्रोनॉट स्पेसवॉक कर चुके हैं।

चीन के मिशन का इतिहास

अगर चीन के स्पेसवॉक के इतिहास को देखें तो चीन ने सबसे पहले 17 जून 2021 में शेनझोउ-12 मिशन के तहत स्पेसवॉक किया था जोकि 7 घंटे से ज्यादा लंबे समय तक चला था. जिसके बाद शेनझोउ-13 मिशन की तरफ चीन ने कदम बढ़ाए, जोकि चीन ने 21 अक्टूबर 2021 को पूरा किया. इस मिशन मे भी चीन ने इतिहास रचा, यह चीन का पहला मिशन था जिसका महिला एस्ट्रोनॉट भी हिस्सा बनी.वांग यापिंग वो महिला थी जो इस मिशन का हिस्सा बनी और इसी के चलते वो स्पेस टीचर के नाम से भी मशहूर है.

इसके बाद चीन ने शेनझोउ-15 मिशन को 2022 में शुरू किया, जिसमें 4 एस्ट्रोनॉट गए थे. इसके बाद शेनझोउ-16, 17 और 18 भी हुआ. सबसे लंबी स्पेसवॉक शेनझोउ-18 मिशन के दौरान हुई. इस दौरान साढ़े 8 घंटे लंबी स्पेसवॉक दर्ज की गई।

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