जल गंगा संवर्धन अभियान से कटनी में जल संरक्षण को मिली नई दिशा,नदी-घाटों की सफाई, सोकपिट निर्माण और जल संरचनाओं के पुनर्जीवन से भू-जल संवर्धन की मजबूत पहल
कटनी – प्रदेशव्यापी ‘‘जल गंगा संवर्धन अभियान’’ के अंतर्गत नगर पालिक निगम कटनी द्वारा जल संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। अभियान के तहत नगर की नदियों, घाटों, सार्वजनिक कुओं एवं अन्य जल संरचनाओं की साफ-सफाई, पुनर्जीवन तथा नए जल संरक्षण ढांचे तैयार करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। निगम प्रशासन के इन प्रयासों से वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ भू-जल स्तर में सुधार की दिशा में भी सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं।
इसी क्रम में प्रयागराज से आई ट्रेश क्लीनर मशीन एवं पोकलेन मशीन की सहायता से कटाएघाट, मसुरहा घाट एवं गाटरघाट क्षेत्र में नदी सफाई का कार्य तीव्र गति से संचालित किया गया, जिसमें अधिकांश हिस्सों की सफाई पूर्ण कर ली गई है। शेष भागों में भी कार्य तेजी से जारी है। नदी एवं घाटों से जलकुंभी, गाद एवं अपशिष्ट पदार्थों को हटाकर जल प्रवाह को सुचारू बनाने के साथ प्राकृतिक जल स्त्रोतों को पुनर्जीवित करने का कार्य किया जा रहा है।
कार्यपालन यंत्री श्री सुधीर मिश्रा ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल को संरक्षित कर भू-जल स्तर में वृद्धि करना तथा भविष्य में जल संकट की स्थिति से प्रभावी रूप से निपटना है। उन्होंने बताया कि नदी, तालाब एवं कुओं की साफ-सफाई, सोकपिट निर्माण तथा पेयजल पाइपलाइनों की मरम्मत जैसे कार्य जल संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे। इन प्रयासों से आने वाले समय में ग्रीष्म ऋतु के दौरान पेयजल समस्या में उल्लेखनीय राहत मिलेगी।
मोहन घाट की सफाई का कार्य प्रारंभ
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत शुक्रवार से मोहन घाट में जलकुंभी हटाने एवं सफाई का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। वर्तमान में श्रमिकों के माध्यम से प्रारंभिक सफाई की जा रही है। गाटर घाट से मदन मोहन चौबे वार्ड स्थित कर्बला क्षेत्र तक शेष कार्य पूर्ण होने के उपरांत मशीनों के माध्यम से मोहन घाट में भी व्यापक सफाई अभियान संचालित किया जाएगा, ताकि अभियान अवधि में घाट का संपूर्ण पुनर्जीवन सुनिश्चित किया जा सके।
80 प्रतिशत से अधिक सोकपिट निर्माण पूर्ण
नगर निगम द्वारा जल संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु नगर के विभिन्न वार्डों में हैंडपंपों के समीप लगभग 100 सोकपिट निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके अंतर्गत अब तक 83 से अधिक सोकपिटों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इन सोकपिटों के माध्यम से हैंडपंपों से व्यर्थ बहने वाले पानी का संचयन कर उसे पुनः भू-जल संवर्धन के लिए उपयोग में लाया जा रहा है।
48 सार्वजनिक कुओं का हुआ जीर्णोद्धार
अभियान के अंतर्गत नगर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित 48 सार्वजनिक कुओं की साफ-सफाई एवं जीर्णोद्धार का कार्य भी पूर्ण किया जा चुका है। इससे वर्षा ऋतु में जल संचयन क्षमता बढ़ेगी तथा नागरिकों को आवश्यकतानुसार जल उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
25 प्याऊ के माध्यम से जल सेवा
नगर निगम प्रशासन एवं समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों पर 25 प्याऊ संचालित किए जा रहे हैं। इन प्याऊ के माध्यम से नागरिकों एवं राहगीरों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के साथ-साथ जल संरक्षण एवं जल के सदुपयोग के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।
जल संरक्षण की दिशा में अन्य कार्य भी जारी
निगम प्रशासन द्वारा जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए अन्य महत्वपूर्ण कार्य भी निरंतर किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत अब तक 33 पानी की टंकियों, ओवरहेड टैंकों एवं संपवेल की सफाई कराई जा चुकी है। साथ ही 243 ट्यूबवेलों का सुधार तथा लगभग 1,649 पेयजल लीकेजों का निराकरण कर जल अपव्यय रोकने की दिशा में प्रभावी कार्यवाही की गई है।
नगर निगम प्रशासन द्वारा संचालित ‘‘जल गंगा संवर्धन अभियान’’ न केवल जल संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी पहल बनकर उभरा है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं सतत जल संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

