वेस्ट टू वंडर पार्क बनेगा ‘ऑक्सीजन हब’; मियावकी पद्धति से विकसित होगा सघन शहरी जंगल, निगमायुक्त ने दिए निर्देश

वेस्ट टू वंडर पार्क बनेगा ‘ऑक्सीजन हब’; मियावकी पद्धति से विकसित होगा सघन शहरी जंगल, निगमायुक्त ने दिए निर्देश
जबलपुर: शहर के सौंदर्य और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जबलपुर नगर निगम ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने मंगलवार को अधिकारियों के प्रशासनिक अमले के साथ शहर के प्रमुख आकर्षण केंद्र वेस्ट टू वंडर पार्क (Waste to Wonder Park) का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने पार्क परिसर में हरियाली का दायरा बढ़ाने, पार्क के सौंदर्यीकरण को निखारने और वहां आने वाले नागरिकों के लिए जनसुविधाओं को और अधिक बेहतर बनाने को लेकर अधिकारियों को कड़े एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मियावकी पद्धति (Miyawaki Method) से विकसित होगा ‘अर्बन फॉरेस्ट’
निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने विशेष रूप से पार्क परिसर के भीतर मियावकी पद्धति से सघन पौधरोपण कराने पर बल दिया:
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कम जगह में घना जंगल: मियावकी जापानी तकनीक है, जिसके जरिए कम क्षेत्रफल वाली जमीन पर भी बहुत ही कम समय में अधिक संख्या में पौधे लगाकर घना और प्राकृतिक जैसा ‘शहरी जंगल’ (Urban Forest) विकसित किया जा सकता है।
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ऑक्सीजन हब के रूप में विकास: इस तकनीक से पौधरोपण होने पर पार्क न केवल आकर्षक हरित क्षेत्र (Green Zone) बनेगा, बल्कि शहर के बीचो-बीच एक विशाल ‘ऑक्सीजन हब’ के रूप में भी कार्य करेगा।
देशी और छायादार पौधों के लिए तकनीकी तैयारी के निर्देश
वेस्ट टू वंडर पार्क में पौधरोपण अभियान को योजनाबद्ध तरीके से लागू करने के लिए निगमायुक्त ने तत्काल प्रभाव से कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं:
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भूमि उपचार (Soil Treatment): पौधों के त्वरित विकास के लिए चिन्हित स्थानों पर मिटटी की गुणवत्ता सुधारने और भूमि उपचार का कार्य तुरंत शुरू करने को कहा गया है।
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देशी एवं छायादार प्रजातियां: पार्क में मुख्य रूप से स्थानीय जलवायु के अनुकूल देशी और घनी छाया देने वाली प्रजातियों के पौधे रोपे जाएंगे, ताकि भविष्य में यहाँ आने वाले पर्यटकों को प्राकृतिक छांव मिल सके।








