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40 साल से रह रहे ग्रामीणों को वन भूमि खाली करने का नोटिस, बारिश में बेघर होने की आशंका से सहम गए लोग

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40 साल से रह रहे ग्रामीणों को वन भूमि खाली करने का नोटिस, बारिश में बेघर होने की आशंका से सहम गए लोगकटनी जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों में वन भूमि पर बीते 35 से 40 वर्षों से बसे कई परिवारों के सिर से इस बरसात में छत छिनने का खतरा मंडरा रहा है। वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किया गया है, जिससे कई गांवों में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों ने बारिश के इस मुश्किल वक्त में बेघर करने की कार्रवाई पर आपत्ति जताई है और वन विभाग से न्याय की गुहार लगाई है।कटनी के खड़ौला ग्राम निवासी 60 वर्षीय बुजुर्ग कुलुरुआ चौधरी कांपते हाथों में नोटिस और शिकायत पत्र लेकर वन विभाग कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि पिछले 40 वर्षों से वे इसी जमीन पर अपने परिवार के साथ रह रहे हैं, यहीं उन्होंने बच्चों की परवरिश की, उनकी शादी की और अब पोते-पोतियों के साथ बुढ़ापे का जीवन बिता रहे हैं। लेकिन अचानक मिले नोटिस ने उनके सामने बरसात के मौसम में बेघर होने की चिंता खड़ी कर दी है। ग्राम के एक अन्य निवासी राजू चौधरी ने भी बताया कि उनका पूरा परिवार वर्षों से इसी भूमि पर रहकर खेती कर जीवन यापन कर रहा है। उन्होंने मांग की है कि उनके हालात को समझा जाए और जल्दबाज़ी में कोई कार्रवाई न की जाए। वन विभाग के डीएफओ गौरव शर्मा ने बताया कि शासन के निर्देश पर वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। फिलहाल केवल नोटिस देकर स्थिति की जानकारी ली जा रही है। इसके बाद एक सूची तैयार कर कलेक्टर के निर्देश में जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बारिश के मौसम में किसी को बेघर नहीं किया जाएगा और पहले उचित जांच की जाएगी।..फिलहाल वन विभाग के आश्वासन के बाद ग्रामीणों को थोड़ी राहत मिली है, लेकिन अनिश्चितता अब भी बनी हुई है। ग्रामीणों की अपील है कि जो परिवार दशकों से इसी भूमि पर रह रहे हैं, उनके जीवन को उजाड़ने से पहले मानवीय आधार पर पुनर्विचार किया जाए।

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