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VIDEO: सियासत में हड़कंप, स्वयं का सर्वे कराएंगे विधायक संजय पाठक, 51 फीसदी जनता के मत मिलने पर ही लड़ेंगे चुनाव

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कटनी। विजयराघवगढ़ के भाजपा विधायक संजय पाठक के एक निर्णय ने कटनी ही नहीं पूरे प्रदेश में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। दरअसल संजय पाठक ने घोषणा की है कि वह चुनाव के पहले एक रायशुमारी अर्थात अपना व्यक्तिगत सर्वे कराएंगे अगर उन्हें विजयराघवगढ़ के 51 फीसदी मतदाता चुनाव लड़ने के पक्ष में मत देते हैं तभी वह चुनाव लड़ेंगे। इस घोषणा की चर्चा इन दिनों मीडिया सोशल मीडिया की हेडलाइन बनी है। आज इस बारे में श्री पाठक ने अपनी बेबाक राय मीडिया के समक्ष रखी।

 

पूज्य पिता के सेवाभावी कर्तव्य पर चलते  मन मे आया विचार

सवाल यह कि आखिर श्री पाठक के मन में यह विचार क्यों आया? तो इस बारे में आज मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने इस निर्णय के बारे में जानकारी देते कहा कि वह स्वयं तथा उनके पूज्य पिता श्री सत्येंद्र पाठक ने विजयराघवगढ़ विधानसभा में जिस तरह से सेवा की है जनता से जानना जरूरी है कि उन्हें क्षेत्र की जनता कितना स्नेह करती है। पिता की विरासत और सेवाभाव को आगे बढ़ाते हुए वह कर्तव्य पथ पर चल रहे हैं जनता का निर्णय शिरोधार्य रहता है। यह मन की आवाज और स्वयं की अभिव्यक्ति है। जिस पर अब जनता को फैसला करना है।

लोगों का दिल जीतना महत्वपूर्ण

श्री पाठक ने कहा कि विजयराघवगढ़ की जनता देवतुल्य है। चुनाव जीतना आसान है किंतु लोगों का दिल जीतना महत्वपूर्ण होता है। क्या इतनी सेवा क्षेत्र के विकास के बाद क्षेत्र की जनता का वह दिल जीत पाए ? यह सवाल विगत लम्बे समय से मन में उठ रहा था इसी के बाद यह फैसला लिया कि वह अपने व्यक्तिगत सर्वे कराकर बकायदा लोगों से मत मांगेंगे जिसमे सिर्फ दो ही प्रश्न होंगे कि विजयराघवगढ़ की जनता उन्हें पुनः सेवा का अवसर देने का आदेश देती है या नहीं। श्री पाठक ने कहा कि एक पर्ची में यह स्वाल जन जन से पूछा जाएगा इसके बाद इन पर्चियों की गिनती की जाएगी। पूरी निष्पक्षता के साथ इसे जनता के समक्ष रखा जाएगा श्री पाठक ने कहा कि 51 फीसदी से एक मत भी उन्हें कम मिला तो वह चुनाव नहीं लड़ेंगे।

जनता की सेवा का माध्यम मात्र है राजनीति

श्री पाठक ने कहा कि जनता की सेवा और विधानसभा का विकास ही उनके लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण और यही श्रेष्ठ कार्य है। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति का उद्देश्य ही समाजसेवा है। समाजसेवा में अंतिम छोर के व्यक्ति को लाभ उसकी समस्या दुख का अंत ही उन्हें सुकून देता है। इस कार्य के लिए राजनीति मात्र एक माध्यम है। श्री पाठक ने कहा कि उनके पास आया कोई भी जरूरतमंद निराश होकर न जाये बस जीवन मे प्रभु से यही मांगता हूं। बुजुर्ग मातापिता जनता के आशीर्वाद से लोगों की मदद करने में सक्षम हूं उसी के अनुसार अपने फर्ज को निरंतर अदा कर रहा हूँ तथा करता रहूंगा।

संगठन योग्य समझता है टिकट देता है

श्री पाठक ने बेबाकी से कहा कि भारतीय जनता पार्टी का सर्वे होगा, लोगों से संगठन अपने माध्यम से जानकारी लेता है यह स्वाभाविक प्रक्रिया है इसके बाद संगठन योग्य समझता है तो टिकट देता है पर मेरी जनता मुझे कितना चाहती है यह मुझे भी जानना जरूरी है तथा मेरा अधिकार भी है लिहाजा यह सर्वे कराने का निर्णय लिया जिसकी शुरुआत अगले महीने अर्थात अगस्त से प्रारम्भ होगी।

मेरी जिम्मेदारी मेरे क्षेत्र की जनता है

श्री पाठक ने लोकसभा चुनाव लड़ने की चर्चाओं को सिरे से खारिज करते हुए कहा यह चर्चा बेबुनियाद है। संगठन जिसजे योग्य समझता है वह उसे उस जिम्मेदारी को देता है। मेरी जिम्मेदारी मेरे क्षेत्र की जनता है इस जन सेवा में ही मुझे सर्वाधिक सुख प्राप्त होता है। संगठन मुझे जो जिम्मेदारी देगा वह निभाएंगे फिर चाहे वह एक कार्यकर्ता के रूप में हो या फिर कोई भी ।

मेरा यह विचार काफी दिनों से मन मे था

उन्होंने कहा कि मेरा यह विचार लोगों खास तौर पर राजनीति में शामिल लोगों के लिए अचरज हो सकता है पर मेरी भावनाओं ये लिए यह नया नहीं पिछले चुनाव में मुझे 47 फीसदी वोट मिले थे पहले भी 40 से 45 प्रतिशत वोट प्राप्त होते रहे तब भी मेरे मन मे यह विचार आता रहा कि क्यों न एक बार जनता से ही चुनाव के पहले निर्णय पूछा जाए लिहाजा यह कोई नया विचार नहीं है।

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