भोपाल । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को लेकर दिए अपने विवादित बयान से दिग्विजय सिंह चौतरफा आलोचना के बाद पलट गए हैं। उन्होंने अपने बयान पर सफाई देते हुए ट्वीट किया ‘कुछ चैनल चला रहे हैं कि मैंने भाजपा पर यह आरोप लगाया है कि वे ISI से पैसा ले कर पाकिस्तान के लिए जासूसी करते हैं। यह पूरी तरह से गलत है। बजरंग दल व भाजपा के आईटी सेल के पदाधिकारी द्वारा आईएसआई से पैसे लेकर पाकिस्तान के लिए जासूसी करते हुए मध्य प्रदेश पुलिस ने पकड़ा है। मैंने भाजपा पर यह आरोप लगाया है कि वे आईएसआई से पैसा लेकर पाकिस्तान के लिए जासूसी करते हैं। यह पूरी तरह से गलत है।’
क्या कहा था
#WATCH MP: Congress leader Digvijaya Singh says, "Bajrang Dal, Bharatiya Janata Party (BJP) are taking money from ISI (Inter-Services Intelligence). Attention should be paid to this. Non-Muslims are spying for Pakistan's ISI more than Muslims. This should be understood." (31.08) pic.twitter.com/NPxltpaRZA
— ANI (@ANI) September 1, 2019
दिग्विजय सिंह की शिवराज ने की आलोचना
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के विवादित बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा ‘दिग्विजय सिंह जानबूझकर ऐसी बयानबाजी करते हैं। वह और उनके नेता पाकिस्तान की भाषा बोलते हैं। उनकी विश्वसनीयता बची नहीं है। मैं उनके बयान को इसलिए गंभीरता से नहीं लेता, क्योंकि सारा देश संघ और भाजपा की देशभक्ति से परिचित है। हमें दिग्विजय जी के प्रमाण की जरूरत नहीं है। दिग्विजय सिंह, ओसामा जी और हाफिज जी कहने वाले नेता हैं। वह विवादित बयान इसलिए देते हैं, ताकि सुर्खियों में बने रहें। वे और उनके नेता जो पाकिस्तान चाहता है, वो बोलते हैं। ऐसे नेता को मैं गंभीरता से नहीं लेता और न देश लेता है।’
क्या कहा दिग्विजय ने
दिग्विजय सिंह ने रविवार को भाजपा और बजरंग दल पर हमला बोलते हुए विवादित बयान दे दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा और बजरंग दल को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से फंडिंग मिलती है। दिग्विजय यहीं नहीं रूके उन्होंने इस दौरान ये भी कहा कि मुसलमानों से ज्यादा गैर-मुसलमान आईएसआई के लिए जासूसी कर रहे हैं।
समाचार एजेंसी एएनआइ द्वारा जारी एक वीडियों में दिग्विजय सिंह कहते नजर आ रहे हैं कि उन्होंने कहा कि बजरंग दल और भाजपा आईएसआई से पैसा ले रहे हैं, इस पर थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है। आईएसआई के लिए मुसलमान कम गैर मुसलमान ज्यादा जासूसी कर रहे हैं। इस बात को समझा जाना चाहिए। उन्होंने ये बात मध्य प्रदेश के भिंड में कही।
संघ और भाजपा के विचारधारा से लड़ रही है कांग्रेस पार्टी
इस दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी संघ और भाजपा के विचारधारा से लड़ रही है। साथ उन्होंने ये भी कहा कि अगर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री शेख अब्दुल्ला ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर भरोसा नहीं किया होता तो कश्मीर हमारे साथ नहीं होता।इसलिए कश्मीर के लोगों का विश्वास हासिल करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी से सीखना चाहिए जिन्होंने कहा था कि कश्मीर समस्या का समाधान तीन शब्दों में है -‘लोकतंत्र (जम्हूरियत), कश्मीरियत और इन्सानियत।’
विवादों से गहरा नाता
दिग्विजय सिंह का विवादों से गहरा नाता है। इससे पहले उन्होंने फरवरी में हुए पुलवामा हमले को लेकर भी विवादित बयान दिए थे। उन्होंने इस हमले को ‘दुर्घटना’ बताया था जिस पर उनकी जमकर आलोचना हुई थी। उन्होंने इस दौरान कहा था कि पुलवामा दुर्घटना के बाद हमारी वायुसेना द्वारा की गई एयर स्ट्राइक को लेकर कुछ विदेशी मीडिया में संदेह पैदा किया जा रहा है, जिससे हमारी भारत सरकार की विश्वसनीयता पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है। यही नहीं दिग्विजय का कई बार आतंकियों के प्रति मोह भी देखने को मिल चुका है। उन्होंने ओसामा बिन लादेन और हाफिज सईद को जी कहा था।
