केरल के नए ‘किंग’ होंगे वीडी सतीशन! कांग्रेस आलाकमान ने लगाई मुहर; जानिए चेन्निथला और वेणुगोपाल को पछाड़ कैसे मारी बाजी?केरल की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। कांग्रेस आलाकमान ने काफी विचार-विमर्श के बाद वीडी सतीशन (V. D. Satheesan) के नाम पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी है। वह केरल के अगले मुख्यमंत्री होंगे।
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केरल विधानसभा चुनाव 2026 में UDF (यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) की प्रचंड जीत (140 में से 102 सीटें) के बाद से ही मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सस्पेंस बना हुआ था।
वीडी सतीशन के नाम पर ही मुहर क्यों लगी?
राजनीतिक गलियारों और सूत्रों के अनुसार, सतीशन के चुने जाने के पीछे 5 प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं:
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जनता और विधायकों की पसंद: 2026 के चुनावों में UDF की ऐतिहासिक जीत का श्रेय काफी हद तक सतीशन के नेतृत्व को दिया जा रहा है। अधिकांश नवनिर्वाचित विधायक और जमीनी स्तर के कार्यकर्ता उन्हें ही सीएम के रूप में देखना चाहते थे।
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सक्षम विपक्ष की भूमिका: पिछले 5 वर्षों (2021-2026) के दौरान नेता प्रतिपक्ष के रूप में सतीशन ने पिनाराई विजयन सरकार को भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलताओं के मुद्दों पर मजबूती से घेरा, जिससे उनकी छवि एक लड़ाकू और प्रखर नेता की बनी।
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गठबंधन सहयोगियों का समर्थन: UDF के प्रमुख घटक दल, जैसे IUML (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग) और केरल कांग्रेस (जोसेफ) ने स्पष्ट रूप से सतीशन के नाम का समर्थन किया था। गठबंधन के भीतर उनकी स्वीकार्यता सबसे अधिक रही।
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साफ-सुथरी छवि और सक्रियता: 38 वर्षीय (राजनीतिक अनुभव के लिहाज से ऊर्जावान) सतीशन की छवि एक पढ़े-लिखे और बेदाग नेता की है। युवाओं और शिक्षित वर्ग के बीच उनकी लोकप्रियता ने कांग्रेस को वापसी करने में मदद की।
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केसी वेणुगोपाल के साथ संतुलन: दिल्ली में हुई बैठकों के दौरान केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला जैसे कद्दावर नेताओं के नामों पर भी चर्चा हुई, लेकिन आलाकमान ने ‘राज्य की पसंद’ को प्राथमिकता देते हुए सतीशन को चुना ताकि गुटबाजी से बचा जा सके।
केरल चुनाव 2026 के नतीजे एक नजर में:
| गठबंधन | सीटें (कुल 140) |
| UDF (कांग्रेस नेतृत्व) | 102 |
| LDF (वामपंथी) | 35 |
| NDA (भाजपा+) | 03 |

