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Uttarakhand: सविता कंसवाल सहित 11 पर्वतारोही के नाम पर होंगी अनारोहित चोटियां, हिमस्खलन हादसे में गंवाई थी जान

Uttarakhand: सविता कंसवाल सहित 11 पर्वतारोही के नाम पर होंगी अनारोहित चोटियां, हिमस्खलन हादसे में गंवाई थी जान

Uttarakhand: अनारोहित चोटियां सविता कंसवाल सहित 11 पर्वतारोही के नाम पर होंगी  वर्ष 2022 में द्रोपदी का डांडा-2 चोटी आरोहण के वक्त हिमस्खलन हादसा हुआ था। हादसे में 28 पर्वतारोहियों की मौत हो गई थी, जबकि एक अब भी लापता है। इन पर्वतारोहियों में राज्य की एवरेस्ट विजेता सविता कंसवाल सहित 11 पर्वतारोही शामिल थे।

गढ़वाल हिमालय की अब तक अनारोहित चोटियों का नामकरण द्रोपदी का डांडा-2 हिमस्खलन हादसे में मृत राज्य के 11 पर्वतारोहियों के नाम पर होगा। मृत पर्वतारोहियों को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) ने 11 अनारोहित चोटियों के आरोहण की योजना बनाई है, जिसे इसी साल मई से जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

वर्ष 2022 में निम के एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स के दौरान द्रोपदी का डांडा-2 चोटी आरोहण के वक्त हिमस्खलन हादसा हुआ था। हादसे में 28 पर्वतारोहियों की मौत हो गई थी, जबकि एक अब भी लापता है। इन पर्वतारोहियों में राज्य की एवरेस्ट विजेता सविता कंसवाल सहित 11 पर्वतारोही शामिल थे।

निम प्रबंधन ने इन पर्वतारोहियों को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके नाम पर हिमालय की अब तक अनारोहित चोटियों का नाम रखेगा। निम प्रबंधन ने गढ़वाल हिमालय की अनारोहित 11 चोटियां चिह्नित कर भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन (आईएमएफ) को सूची भेजी थी, जिसे आईएमएफ ने स्वीकृति दी है। अब मार्च से अप्रैल तक अनारोहित चोटियों की रेकी की जाएगी। इसके बाद मई से लेकर जुलाई तक इन चोटियों का आरोहण करने की योजना है।

निम के कर्नल करेंगे दल का नेतृत्व

पर्वतारोहण अभियान का नेतृत्व निम के प्रधानाचार्य कर्नल अंशुमान भदौरिया करेंगे। दल में निम के ही आठ से 10 प्रशिक्षक शामिल होंगे। हालांकि, अभी प्रशिक्षकों का चयन नहीं हुआ है।

हादसे में इन्होंने गंवाई थी जान

4 अक्तूबर 2022 को निम के एडवांस कोर्स का दल द्रौपदी का डांडा-2 चोटी का आरोहण करने जा रहा था, जिसमें प्रशिक्षु, प्रशिक्षक सहित 58 सदस्य शामिल थे। आरोहण के दौरान हिमस्खलन की चपेट में दल आया था, जिसमें 29 लोग लापता हो गए थे। बाद में 27 के शव बरामद किए गए था। लापता दो में से एक का शव पिछले साल बरामद हुआ था। वहीं, एक अब भी लापता है। हादसे में सविता कंसवाल, नौमी रावत, अजय बिष्ट, सतीश रावत, कपिल पंवार, विनय पंवार, संतोष कुकरेती, राहुल पंवार, शुभम सारंगी, नरेंद्र सिंह व सिद्धार्थ खंडूड़ी ने जान गंवाई थी।

 

हिमस्खलन हादसे में मृत राज्य के 11 पर्वतारोहियों को श्रद्धांजलि देने के लिए अब तक अनारोहित 11 चोटियों पर आरोहण कर उनका नाम इनके नाम पर रखा जाएगा। रेकी कर यह अभियान मई से जुलाई तक पूरा करने की योजना है। -कर्नल अंशुमान भदौरिया, प्रधानाचार्य निम, उत्तरकाशी

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