US-Iran War: LPG से लेकर हीलियम तक संकट का खतरा, जंग बढ़ी तो कई सेक्टर होंगे प्रभावित

US-Iran War: LPG से लेकर हीलियम तक संकट का खतरा, जंग बढ़ी तो कई सेक्टर होंगे प्रभावित

US-Iran War: LPG से लेकर हीलियम तक संकट का खतरा, जंग बढ़ी तो कई सेक्टर होंगे प्रभावित, अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब सिर्फ तेल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गैस सप्लाई पर भी बड़ा असर डालने की आशंका बढ़ गई है। एलपीजी की कीमतों और सप्लाई को लेकर पहले ही चिंता जताई जा चुकी है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जंग लंबी चली तो कई तरह की गैसों का संकट गहरा सकता है, जिसका असर आम लोगों से लेकर बड़े उद्योगों तक महसूस होगा।

US-Iran War: LPG से लेकर हीलियम तक संकट का खतरा, जंग बढ़ी तो कई सेक्टर होंगे प्रभावित

दरअसल, एलपीजी के अलावा प्राकृतिक गैस, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, कार्बन डाइऑक्साइड, हाइड्रोजन और हीलियम जैसी गैसें कई जरूरी सेवाओं और उद्योगों की रीढ़ हैं। ऐसे में सप्लाई चेन प्रभावित होने पर सबसे पहले कीमतें बढ़ेंगी, फिर उपलब्धता घटेगी और आखिरकार इसका असर आम जिंदगी पर पड़ेगा।

परिवहन क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं रहेगा। सीएनजी से चलने वाले वाहन, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स पर दबाव बढ़ सकता है। इससे किराया महंगा होने के साथ रोजमर्रा की चीजों जैसे सब्जी, दूध और अन्य सामान की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

ऊर्जा क्षेत्र पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा। गैस आधारित पावर प्लांट महंगे हो सकते हैं और कुछ जगहों पर बिजली संकट की स्थिति बन सकती है। उद्योगों की लागत बढ़ने से इसका बोझ अंततः उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

खेती और उर्वरक उद्योग भी इस संकट से प्रभावित हो सकते हैं। प्राकृतिक गैस महंगी होने पर यूरिया और अन्य खाद के उत्पादन की लागत बढ़ेगी, जिससे किसानों पर दबाव बढ़ेगा और खाद्यान्न महंगाई में इजाफा हो सकता है।

सबसे संवेदनशील असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है। अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाली ऑक्सीजन, नाइट्रोजन और हीलियम की सप्लाई प्रभावित होने पर इलाज महंगा और मुश्किल हो सकता है। खासकर हीलियम की कमी से MRI जैसी जांच सेवाओं पर असर पड़ सकता है।

इसके अलावा स्टील, निर्माण, फूड प्रोसेसिंग, पेट्रोकेमिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टर भी इस संकट की चपेट में आ सकते हैं। उत्पादन लागत बढ़ने से इन सेक्टरों में महंगाई और देरी दोनों देखने को मिल सकती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह जंग जल्द खत्म नहीं होती, तो यह संकट सिर्फ ऊर्जा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था और आम आदमी की जिंदगी पर गहरा असर डाल सकता है। US-Iran War: LPG से लेकर हीलियम तक संकट का खतरा, जंग बढ़ी तो कई सेक्टर होंगे प्रभावित

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