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राज्यसभा में मनुस्मृति विवाद पर हंगामा: खरगे का बयान रिकॉर्ड से हटा, नड्डा बोले- ‘ओरिजिनल टेक्स्ट ऑथेंटिकेट करें’

राज्यसभा में गरमाया मनुस्मृति का मुद्दा: जेपी नड्डा का पलटवार- 'तथ्यहीन बयान न दें, ब्रिटिश काल से पुराना टेक्स्ट करें ऑथेंटिकेट'

राज्यसभा में मनुस्मृति विवाद पर हंगामा: खरगे का बयान रिकॉर्ड से हटा, नड्डा बोले- ‘ओरिजिनल टेक्स्ट ऑथेंटिकेट करें’

नई दिल्ली: संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) में नए शैक्षणिक पाठ्यक्रम (सिलेबस) में मनुस्मृति के अंश शामिल किए जाने के दावों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा इस मुद्दे पर दिए गए बयान पर सत्ता पक्ष के भारी विरोध के बाद सभापति ने उनकी टिप्पणी को सदन के रिकॉर्ड से हटा (Expunge) दिया।

  • जेपी नड्डा का पलटवार: नेता सदन और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने खरगे के बयान को ‘तथ्यों से परे’ बताते हुए उन्हें मनुस्मृति के ओरिजिनल (मूल) टेक्स्ट को ऑथेंटिकेट (प्रमाणित) करने की चुनौती दी।

  • सुधांशु त्रिवेदी का आंबेडकर और विलियम जोंस का रिफरेंस: बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व जज विलियम जोंस और डॉ. बी.आर. आंबेडकर की किताबों का हवाला देते हुए विपक्ष से दावों को प्रमाणित करने को कहा।

  • प्रमोद तिवारी का दावा: कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने एक किताब का हवाला देते हुए कहा कि यह बीजेपी के कार्यकाल में छपी है और प्रतिबंधित नहीं है, जिस पर नड्डा ने कहा कि ब्रिटिश काल से पहले का ओरिजिनल टेक्स्ट लाया जाए।

  • जितेंद्र सिंह का NTA पर UPA को जवाब: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि 1992 और 2010 (UPA शासन) में जिस नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का सुझाव आया था, उसे पीएम मोदी की NDA सरकार ने पूरा किया।

मनुस्मृति टिप्पणी पर सदन में तीखी बहस

बहस की शुरुआत तब हुई जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि नए सिलेबस में मनुस्मृति की चीजें जोड़ी जा रही हैं।

1. जेपी नड्डा और बीजेपी की आपत्ति

नेता सदन जेपी नड्डा ने खरगे के दावों को खारिज करते हुए कहा:

“विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने जो कहा है, वह मेरी जानकारी में तथ्यों से परे है। वे मनुस्मृति का ओरिजिनल टेक्स्ट ऑथेंटिकेट करें। ब्रिटिश टाइम से पहले का ओरिजिनल टेक्स्ट लाया जाए, क्योंकि ऐसे निराधार बयानों से समाज में अशांति फैलती है।”

2. सुधांशु त्रिवेदी का वक्तव्य

बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने करीब एक मिनट के अपने वक्तव्य में कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व जज सर विलियम जोंस और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की किताबों को कोट किया। उन्होंने विभिन्न पुस्तकों का संदर्भ देते हुए विपक्ष को चुनौती दी कि वे जो भी दावा कर रहे हैं, उसे पहले प्रमाणित करें।

3. प्रमोद तिवारी का पक्ष

कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने एक किताब दिखाते हुए कहा कि यह वर्तमान सरकार के कार्यकाल में ही छपी है और इस पर कोई प्रतिबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि 12 साल से देश में बीजेपी की सरकार है, ऐसे में अगर यह उपलब्ध है तो इसमें गलती सरकार की है।

तीखी नोकझोंक के बाद सभापति ने मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा मनुस्मृति पर दी गई टिप्पणी को सदन की कार्यवाही (रिकॉर्ड) से हटाने की घोषणा कर दी।

 UPA के अधूरे एजेंडे को NDA कर रहा पूरा: जितेंद्र सिंह

राज्यसभा में बहस के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने देश की प्रमुख भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं का जिक्र किया।

उन्होंने बताया कि देश में चार मुख्य भर्ती एजेंसियां हैं— UPSC, SSC, रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB) और IBPS। इसके अलावा उच्च शिक्षा में प्रवेश के लिए अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) कार्यरत है।

जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस पर चुटकी लेते हुए कहा:

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“विडंबना यह है कि एक नेशनल एजेंसी बनाने का सुझाव पहली बार 1992 में (कांग्रेस सरकार के दौरान) आया था। 2010 में UPA के समय बनी कमेटी ने भी NTA बनाने की मजबूत सिफारिश की थी। मुझे यकीन है कि विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करेगा कि UPA के उस अधूरे काम और एजेंडे को NDA सरकार पूरा कर आगे बढ़ा रही है।”

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