यूपी चुनाव 2027: पूर्व विधायक राजीव चन्ना और मनमोहन सैनी सपा में शामिल, मुरादाबाद में नए सियासी समीकरणों की सुगबुगाहट
लखनऊ/मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बिसात बिछनी शुरू हो गई है। इसी कड़ी में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की मुरादाबाद नगर सीट पर बड़े राजनीतिक उलटफेर के संकेत मिलने लगे हैं। पूर्व भाजपा विधायक राजीव चन्ना और भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के पूर्व नेता मनमोहन सैनी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।
इनके अलावा गोंडा से भवानी भीख शुक्ला ने भी अपने पांच बेटों (श्रीकृष्ण भगवान, शिव भगवान, शंकर भगवान, विष्णु भगवान और राम भगवान) के साथ सपा का दामन थामा। इस दौरान सपा कार्यालय में ‘जय भवानी, जय अखिलेश’ के नारे भी गूंजे।
राजीव चन्ना और मनमोहन सैनी की राजनीतिक पृष्ठभूमि
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राजीव चन्ना का सफर: 2007 में भाजपा के टिकट पर मुरादाबाद पश्चिम सीट से विधायक चुने गए चन्ना 2009 के लोकसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रत्याशी रहे थे। अब उनकी सपा में एंट्री के साथ मुरादाबाद नगर सीट से उनकी संभावित दावेदारी को लेकर कयास तेज हो गए हैं। यूपी चुनाव 2027: पूर्व विधायक राजीव चन्ना और मनमोहन सैनी सपा में शामिल, मुरादाबाद में नए सियासी समीकरणों की सुगबुगाहट
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मनमोहन सैनी की ‘घर वापसी’: 2012 में ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट से सपा के प्रत्याशी रहे मनमोहन सैनी बाद में भाजपा में चले गए थे। वे भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य थे। अब दोबारा सपा में शामिल होने से क्षेत्र में सैनी समाज और अन्य पिछड़े वर्गों (OBC) के वोट बैंक समीकरण साधने की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
मुरादाबाद नगर सीट पर टिका सारा ध्यान
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुरादाबाद नगर सीट पर बेहद कड़ा मुकाबला हुआ था। तब भाजपा के रितेश कुमार गुप्ता ने सपा के मोहम्मद यूसुफ अंसारी को महज 782 वोटों के अंतर से हराया था।
इतने मामूली अंतर से तय हुए नतीजों को देखते हुए सपा 2027 के चुनाव में किसी भी तरह की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहती। चन्ना और सैनी के पार्टी में आने से सपा को स्थानीय स्तर पर मजबूत चेहरे मिले हैं, हालांकि सीट पर अंतिम प्रत्याशी का फैसला सपा शीर्ष नेतृत्व को ही करना है।

