यूपी बना सबसे बड़ा एविएशन हब? जेवर एयरपोर्ट से बढ़ी ताकत, केरल को चुनौती
यूपी बना सबसे बड़ा एविएशन हब? जेवर एयरपोर्ट से बढ़ी ताकत, केरल को चुनौती
यूपी ने एविएशन सेक्टर में बढ़ाई रफ्तार, लेकिन केरल अब भी मजबूत दावेदार
यूपी बना सबसे बड़ा एविएशन हब? जेवर एयरपोर्ट से बढ़ी ताकत, केरल को चुनौतीभारत में हवाई कनेक्टिविटी को लेकर राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज होती जा रही है। लंबे समय तक केरल देश का एकमात्र ऐसा राज्य रहा, जहां चार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे सक्रिय रूप से संचालित होते हैं। इनमें त्रिवेंद्रम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, कोचीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, कालीकट अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा और कन्नूर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा शामिल हैं।
यूपी बना सबसे बड़ा एविएशन हब? जेवर एयरपोर्ट से बढ़ी ताकत, केरल को चुनौती
केरल में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की अधिक मांग का प्रमुख कारण पर्यटन और खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में बसे प्रवासी हैं। यही वजह है कि राज्य का एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर लंबे समय से मजबूत बना हुआ है।
वहीं दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश अब तेजी से इस क्षेत्र में उभरता हुआ दिखाई दे रहा है। राज्य में पहले से ही चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (लखनऊ), लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (वाराणसी), कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा और महार्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा जैसे एयरपोर्ट मौजूद हैं।
हाल ही में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के पहले चरण के उद्घाटन के साथ यूपी ने अपनी एविएशन ताकत को और बढ़ा दिया है। यह प्रोजेक्ट भविष्य में उत्तरी भारत का बड़ा एविएशन हब बनने की क्षमता रखता है और इसे एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शामिल करने की योजना है।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि संख्या के आधार पर उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन पूरी तरह सक्रिय अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और स्थापित नेटवर्क के मामले में केरल अब भी मजबूत स्थिति में है।
कुल मिलाकर, भारत में हवाई सेवाओं का विस्तार नई दिशा में बढ़ रहा है, जहां एक ओर केरल अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है, वहीं उत्तर प्रदेश भविष्य का बड़ा एविएशन केंद्र बनने की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है।