बौद्ध विहार के पते पर बने 17 बांग्लादेशियों के फर्जी पासपोर्ट! जांच में फंसी पुलिस: तत्कालीन थाना प्रभारी और आरक्षक की लापरवाही उजागर

बौद्ध विहार के पते पर बने 17 बांग्लादेशियों के फर्जी पासपोर्ट! जांच में फंसी पुलिस: तत्कालीन थाना प्रभारी और आरक्षक की लापरवाही उजागर
ग्वालियर/डबरा, यशभारत डॉट कॉम। मध्यप्रदेश में जाली दस्तावेजों के सहारे बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट बनने के बहुचर्चित मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की जांच अब पुलिस महकमे के जिम्मेदारों तक पहुंच गई है। डबरा स्थित बौद्ध विहार के पते पर एक ही मोबाइल नंबर और एक ही पते का इस्तेमाल कर 17 बांग्लादेशी नागरिकों के हिंदू नाम से पासपोर्ट जारी होने के मामले में STF ने बड़ी कार्रवाई की है।
मामले में STF ने तत्कालीन डबरा थाना प्रभारी (TI) विनायक शुक्ला और पासपोर्ट पुलिस सत्यापन का काम देख रहे आरक्षक भूपेंद्र गुर्जर की गंभीर लापरवाही मानी है। दोनों के खिलाफ विभागीय व वैधानिक जांच के तहत शिकंजा कसा जा रहा है।
विदेश भागे आरोपी, कई देशों की कर चुके यात्रा
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि फर्जी भारतीय पासपोर्ट के दम पर आरोपी चीन, थाईलैंड, म्यांमार समेत अन्य देशों की यात्राएं भी कर आए। यही नहीं, मामले का खुलासा होने से पहले कुछ आरोपी विदेश भी भाग निकले हैं।
बिना वेरिफिकेशन लगा दी ओके रिपोर्ट
नियमों के मुताबिक पासपोर्ट आवेदन पर बीट पुलिसकर्मी को मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करना होता है। लेकिन इस मामले में आरक्षक और थाना प्रभारी स्तर पर बिना किसी जमीनी पड़ताल के क्लीयरेंस रिपोर्ट दे दी गई। एक ही पते और नंबर से 17 पासपोर्ट जारी होने के बावजूद पुलिस की ओर से कोई संदेह न जताया जाना सीधे तौर पर मिलीभगत या घोर लापरवाही की ओर इशारा करता है।
STF अब इस रैकेट से जुड़े अन्य दलालों और विभागीय कर्मचारियों की भूमिका की गहनता से पड़ताल कर रही है।








