अमेरिकी रक्षा विभाग के विवादित नक्शे पर बवाल! PoK को दिखाया पाकिस्तान का हिस्सा; ‘इंडो-पैसिफिक’ का नाम बदलकर किया ‘USPACOM’
अमेरिकी रक्षा विभाग के विवादित नक्शे पर बवाल! PoK को दिखाया पाकिस्तान का हिस्सा; 'इंडो-पैसिफिक' का नाम बदलकर किया 'USPACOM'
अमेरिकी रक्षा विभाग के विवादित नक्शे पर बवाल! PoK को दिखाया पाकिस्तान का हिस्सा; ‘इंडो-पैसिफिक’ का नाम बदलकर किया ‘USPACOM’
ग्लोबल डेस्क: भारत और अमेरिका के मजबूत होते रक्षा संबंधों के बीच वाशिंगटन से एक ऐसी खबर आई है, जिसने भारतीय रणनीतिकारों को चौंका दिया है। अमेरिकी रक्षा विभाग (DoD) ने हाल ही में अपने ‘इंडो-पैसिफिक कमांड’ (USINDOPACOM) का नाम बदलकर फिर से पुराना नाम यानी ‘यूएस पैसिफिक कमांड’ (USPACOM) कर दिया है।
लेकिन, इस नाम परिवर्तन से बड़ा विवाद उस नए आधिकारिक नक्शे (Map) को लेकर खड़ा हो गया है जो अमेरिका ने जारी किया है। इस नक्शे में भारत की क्षेत्रीय अखंडता की पूरी तरह अनदेखी करते हुए, पूरे जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा नहीं दिखाया गया है, बल्कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) को खुलेआम पाकिस्तान का इलाका दर्शाया गया है।
क्या है पूरा विवाद? नक्शे में ड्रैगन और पाकिस्तान की ‘मौज’
बीती 16 जून 2026 को अमेरिकी रक्षा विभाग ने जैसे ही USPACOM का पुराना नाम बहाल करने की घोषणा की, उसके साथ जारी मैप ने भारत में आक्रोश पैदा कर दिया:
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भारत आधा-अधूरा: नक्शे में भारत की मुख्य भूमि को हल्के हरे रंग से रंगा गया है, लेकिन जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की सीमाओं के साथ गंभीर छेड़छाड़ की गई है।
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PoK और अक्साई चिन गायब: जम्मू-कश्मीर के उत्तरी और पश्चिमी हिस्से (PoK) को भारत से बाहर रखते हुए पड़ोसी देश पाकिस्तान के हिस्से के रूप में दिखाया गया है। इसके अलावा, चीन के अवैध कब्जे वाले अक्साई चिन क्षेत्र को भी भारत के नक्शे से अलग कर दिया गया है।
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सीमाओं के बीच काली रेखा: भारतीय सीमाओं के ठीक बीच से एक मोटी काली रेखा गुजर रही है। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के मुताबिक यह रेखा उनके विभिन्न सैन्य कमांड क्षेत्रों (जैसे मध्य पूर्व को देखने वाली CENTCOM और प्रशांत क्षेत्र की PACOM) को विभाजित करती है, लेकिन भारतीय नजरिए से यह देश की संप्रभुता का सीधा उल्लंघन है।
ट्रंप 2.0 का यह कदम भारत के लिए कूटनीतिक झटका क्यों?
इस नाम बदलने और नक्शे के पीछे गहरे कूटनीतिक और रणनीतिक संकेत छिपे हुए हैं:
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‘इंडो’ शब्द क्यों हटाया? साल 2018 में डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत की बढ़ती सैन्य और रणनीतिक ताकत को सम्मान देने के लिए ‘पैसिफिक कमांड’ का नाम बदलकर ‘इंडो-पैसिफिक कमांड’ किया गया था।
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बदल गई टाइमिंग: अब साल 2026 में ‘ट्रंप 2.0’ (दूसरे कार्यकाल) के तहत इस नाम से ‘इंडो’ शब्द को हटाकर फिर से इसे ‘USPACOM’ कर दिया गया है। विशेषज्ञ इसे वैश्विक मंच पर भारत की रणनीतिक अहमियत को कम करने के अमेरिकी संकेत के रूप में देख रहे हैं।अमेरिकी रक्षा विभाग के विवादित नक्शे पर बवाल! PoK को दिखाया पाकिस्तान का हिस्सा; ‘इंडो-पैसिफिक’ का नाम बदलकर किया ‘USPACOM’
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मुलाकात के बीच तनाव: यह बड़ा बदलाव ठीक उस समय हुआ है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हाई-लेवल मुलाकात होने जा रही है। ऐसे में इस टाइमिंग पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
भारत का रुख: संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं
हालांकि इस मामले पर भारत सरकार, विदेश मंत्रालय (MEA) या रक्षा मंत्रालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक या तीखा बयान सामने नहीं आया है, लेकिन कूटनीतिक सूत्रों का कहना है कि भारत इस मुद्दे को अमेरिकी प्रशासन के सामने कड़े स्तर पर उठाने जा रहा है।अमेरिकी रक्षा विभाग के विवादित नक्शे पर बवाल! PoK को दिखाया पाकिस्तान का हिस्सा; ‘इंडो-पैसिफिक’ का नाम बदलकर किया ‘USPACOM’
भारत का रुख हमेशा से शीशे की तरह साफ रहा है कि संपूर्ण जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा है और दुनिया का कोई भी विवादित नक्शा इस सच को नहीं बदल सकता। माना जा रहा है कि अमेरिकी सेना अक्सर नक्शे ‘De Facto Control’ (वास्तविक जमीनी नियंत्रण) के आधार पर बनाती है, लेकिन क्वाड (QUAD) और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के इस दौर में अमेरिका से इस तरह की रणनीतिक असंवेदनशीलता की उम्मीद नहीं की जाती। हाल के दिनों में अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में आई अचानक गर्मजोशी को भी इस विवाद की एक बड़ी वजह माना जा रहा है।








