गिरती लीरा और महंगाई से निपटने के लिए तुर्की ने किया ग्लोबल गोल्ड मार्केट में धमाका, 14 दिन में 58 टन सोना बेचा
गिरती लीरा और महंगाई से निपटने के लिए तुर्की ने किया ग्लोबल गोल्ड मार्केट में धमाका, 14 दिन में 58 टन सोना बेचा
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अंकारा/लंदन:गिरती लीरा और महंगाई से निपटने के लिए तुर्की ने किया ग्लोबल गोल्ड मार्केट में धमाका, 14 दिन में 58 टन सोना बेचा, अपनी गिरती मुद्रा लीरा और बढ़ती महंगाई से बचने के लिए तुर्की ने हाल ही में वैश्विक गोल्ड मार्केट में तहलका मचा दिया है। सिर्फ 14 दिनों में तुर्की के केंद्रीय बैंक ने 58 टन सोना बेचकर 8 अरब डॉलर जुटाए, जिससे दुनिया के सोने के बाजार में हलचल मच गई।
गिरती लीरा और महंगाई से निपटने के लिए तुर्की ने किया ग्लोबल गोल्ड मार्केट में धमाका, 14 दिन में 58 टन सोना बेचा
इतिहास में सबसे बड़ी बिक्री
इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 13 मार्च को समाप्त सप्ताह में तुर्की ने 6 टन और 20 मार्च तक के सप्ताह में 52.4 टन सोना बेचा। इस बिक्री के बाद तुर्की का कुल स्वर्ण भंडार घटकर लगभग 513 टन रह गया, जो पिछले सात वर्षों में सबसे बड़ी गिरावट है।
कैसे हुआ सौदा?
बेचे गए सोने का आधा हिस्सा विदेशी स्वैप डील्स के जरिए अमेरिकी डॉलर उधार लेने के लिए इस्तेमाल किया गया, जबकि बाकी सोना सीधे खुले बाजार में बिक गया। इस बिक्री ने वैश्विक स्तर पर गोल्ड-समर्थित ETFs से होने वाली निकासी को भी पीछे छोड़ दिया।
महंगाई और मुद्रा संकट के कारण कदम
तुर्की की राष्ट्रीय मुद्रा लीरा लगातार कमजोर हो रही है और ऊर्जा आयात की लागत बढ़ने के बाद मुद्रा पर दबाव बढ़ गया है। महंगाई को नियंत्रित करने और बाजार में तरलता बनाए रखने के लिए केंद्रीय बैंक को विदेशी मुद्रा भंडार का सहारा लेना पड़ा। तुर्की का कुल विदेशी भंडार अब लगभग 175 अरब डॉलर के करीब है, जो 2025 की तीसरी तिमाही के बाद सबसे कम स्तर है।
वैश्विक बाजार पर असर
तुर्की की इस विशाल बिक्री से सोने की आपूर्ति बढ़ी और वैश्विक बाजार में कीमतों में गिरावट आई। लंदन हाजिर बाजार (spot market) में सोने के दाम 3.1% तक लुढ़क गए, और बाद में 2.4% की गिरावट के साथ बंद हुए।
विश्लेषकों की राय
विश्लेषक मानते हैं कि अगर ऊर्जा संकट जारी रहा, तो तुर्की भविष्य में भी इसी तरह के कदम उठा सकता है। आम निवेशकों के लिए यह संकेत है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिविधियों पर नजर रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यही तय करेगा कि घरेलू बाजार में सोना किस भाव पर मिलेगा।