TMC Action: ममता बनर्जी का बड़ा एक्शन! तृणमूल कांग्रेस ने 2 विधायकों को पार्टी से निकाला; दल-विरोधी गतिविधियों के आरोप में संदीपन और ऋतब्रत निष्कासित
TMC Action: ममता बनर्जी का बड़ा एक्शन! तृणमूल कांग्रेस ने 2 विधायकों को पार्टी से निकाला; दल-विरोधी गतिविधियों के आरोप में संदीपन और ऋतब्रत निष्कासित

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सड़कों पर आ गई है। टीएमसी ने 1 जून को एक बड़ा और कड़ा सांगठनिक फैसला लेते हुए अपने दो मौजूदा विधायकों— संदीपन साहा (Sandipan Saha) और ऋतब्रत बनर्जी (Ritabrata Banerjee) को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निष्कासित (Expelled) कर दिया है। पार्टी ने दोनों ही नेताओं पर घोर अनुशासनहीनता, दल-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और संगठन के हितों को गंभीर नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया है।
TMC Action: ममता बनर्जी का बड़ा एक्शन! तृणमूल कांग्रेस ने 2 विधायकों को पार्टी से निकाला; दल-विरोधी गतिविधियों के आरोप में संदीपन और ऋतब्रत निष्कासित
विधानसभा सदस्य रहेंगे, लेकिन ‘TMC विधायक’ की पहचान खत्म
TMC नेतृत्व ने सांगठनिक कार्रवाई करने के साथ ही इस फैसले की प्रति तुरंत विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) रथेंद्र बोस को भेज दी है:
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निर्दलीय जैसी भूमिका: स्पीकर को पत्र भेजे जाने के बाद अब तकनीकी रूप से संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी की विधानसभा सदस्यता तो बची रहेगी, लेकिन सदन के भीतर वे अब तृणमूल कांग्रेस के विधायक के रूप में नहीं जाने जाएंगे।
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विशेषाधिकार खत्म: पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि निष्कासन के बाद दोनों नेता टीएमसी से जुड़े किसी भी पद, जिम्मेदारी, विशेषाधिकार या आधिकारिक अधिकार का उपयोग नहीं कर सकेंगे।
अधिकृत बैठकों से लगातार गायब रहने का आरोप
1 जून को जारी अलग-अलग निष्कासन नोटिस में तृणमूल कांग्रेस ने दोनों विधायकों की गैर-जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली का उल्लेख किया है:
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अनुशासनहीनता: नोटिस के मुताबिक, दोनों विधायक पार्टी के अधिकृत नेतृत्व द्वारा समय-समय पर बुलाई गई महत्वपूर्ण सांगठनिक और विधायी बैठकों में लगातार अनुपस्थित (Absent) रह रहे थे।
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संगठन को धोखा: पार्टी का कहना है कि दोनों नेताओं ने टीएमसी के सिंबल और टिकट पर चुनाव जीता और विधानसभा पहुंचे, लेकिन बाद में उन्होंने संगठनात्मक अनुशासन का पालन करना पूरी तरह बंद कर दिया।
बयानों और हरकतों से पार्टी को पहुंचाया नुकसान, पर वजहों पर चुप्पी
नोटिस में कहा गया है कि टीएमसी के सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) ने जांच में पाया कि दोनों विधायकों ने हाल के दिनों में ऐसी गतिविधियों में भाग लिया और ऐसे सार्वजनिक बयान दिए हैं जो सीधे तौर पर टीएमसी की छवि को नुकसान पहुँचाने वाले थे। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए यह कड़ा कदम उठाया गया है।
रहस्य बरकरार: हालांकि, टीएमसी द्वारा जारी किए गए आधिकारिक नोटिस में उन विशिष्ट बयानों या दल-विरोधी गतिविधियों का खुलकर ज़िक्र नहीं किया गया है जिनकी वजह से यह कार्रवाई हुई है। पार्टी का कहना है कि यह निर्णय पूरे मामले की उच्च स्तरीय समीक्षा के बाद ही लिया गया है।
पार्टी के इस अचानक और बड़े फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है, हालांकि निष्कासित विधायक संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी की तरफ से फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पलटवार सामने नहीं आया है।








