इस बार होली पर चंद्र ग्रहण का साया, 3 मार्च को शाम 6:46 पर समाप्त हो जाएगी ग्रहण की सूतक, फिर कर सकते हैं होलिका दहन
कटनी(YASHBHARAT.COM)। होलिका दहन और होली(धुरेड़ी) के बीच इस बार चंद्र ग्रहण का साया मंडरा रहा है। इस बार कैलेंडर के अनुसार होलिका दहन 3 मार्च और होली(धुरेड़ी) 4 मार्च को है। वहीं साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा पर लगेगा जो भारत सहित कई देशों में दिखाई देगा। भारत में चंद्र गहण की सूतक मान्य होगी जो सुबह 9:39 बजे से शाम 6:46 बजे तक रहेगी। इसलिए शहर में तो चंद्र ग्रहण को लेकर कोई भ्रम की स्थिति नहीं है क्योंकि शहर में होलिका दहन रात में होता है और चंद्र ग्रहण की सूतक भी शाम 6:46 बजे समाप्त हो जाएगी। सनातन धर्म में चंद्र ग्रहण का खास महत्व है। चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा तिथि पर लगता है। ग्रहण के दौरान मायावी ग्रह राहु और केतु का प्रभाव बढ़ जाता है। इसके लिए ज्योतिष ग्रहण के समय शुभ काम न करने की सलाह देते हैं। इसके साथ ही खानपान से भी परहेज करना चाहिए। वहीं ग्रहण के दौरान नकारात्मक शक्तियों से बचाव के लिए भगवान शिव और विष्णु जी के नामों का जप करना चाहिए। ज्योतिषियों की मानें तो फाल्गुन पूर्णिमा के दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने वाला है। यह ग्रहण भारत समेत विश्व के कई देशों में दिखाई देगा। इसके लिए सूतक भी मान्य होगा। फाल्गुन पूर्णिमा पर लगने वाला चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देने के चलते होलिका दहन और होली की तिथि में भी बदलाव हो सकता है। उधर प्रशासन के द्धारा शांति समिति की बैठक में पहले ही 3 मार्च को होलिका दहन और 4 मार्च को होली(धुरेड़ी) मनाने का निर्णय ले लिया गया है। ऐसे में देखना यह होगा कि शहर में चंद्र ग्रहण के कारण होलिका दहन व धुरेड़ी को लेकर लोग क्या रूपरेखा तैयार करते हैं।
पूर्णिमा तिथि पर लगता है चंद्र ग्रहण
ज्योतिषियों के अनुसार मायावी ग्रह राहु द्वारा सूर्य और केतु द्वारा चंद्र देव का ग्रास करने से ग्रहण लगता है। सूर्य ग्रहण अमावस्या तिथि पर लगता है। वहीं चंद्र ग्रहण पूर्णिमा तिथि पर लगता है। ग्रहण दिखाई देने पर सूतक मान्य होता है। वहीं ग्रहण दिखाई न देने पर सूतक मान्य नहीं होता है। ग्रहण के दौरान शास्त्र सम्मत चीजों का ध्यान रखना चाहिए।
चंद्र ग्रहण की सूतक पर एक नजर
पंडितो के अनुसार साल का पहला चंद्र ग्रहण मंगलवार 3 मार्च को लगेगा। यह भारत में दिखाई देगा। इसके लिए सूतक भी मान्य होगा। चंद्र ग्रहण के दिन सूतक सुबह 9 बजकर 39 मिनट पर शुरू होगा। वहीं शाम 6 बजकर 46 मिनट पर चंद्र ग्रहण और सूतक समाप्त होगा। सामान्य जनों के लिए सूतक सुबह 9 बजकर 39 मिनट से है। वहीं वृद्ध, बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के लिए सूतक दोपहर 3 बजकर 28 मिनट से शुरू होगा। वहीं सूतक का समापन शाम 6 बजकर 46 मिनट पर होगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार मंगलवार 3 मार्च को चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा। वहीं चंद्र ग्रहण शाम 6 बजकर 26 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 46 मिनट तक दिखाई देगा। कुल मिलाकर कहें तो भारत में चंद्र ग्रहण 20 मिनट तक दिखाई देगा।
चंद्र ग्रहण का सही समय
चंद्र ग्रहण की शुरुआत-:दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर।
पूर्ण चंद्र ग्रहण-:शाम 05 बजकर 04 मिनट पर।
चंद्र ग्रहण का समापन-:शाम 06 बजकर 46 मिनट पर।
ब्लड मून के नाम से जाना जाएगा चंद्र ग्रहण
साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण सबसे बड़ा रहने वाला है। इस दिन चांद लाल रंग में दिखाई देगा। इसके लिए इसे ब्लड मून भी कहा जाएगा। जानकारों की मानें तो सूर्य और चंद्रमा के मध्य में पृथ्वी के आ जाने पर चंद्र ग्रहण लगता है। इस दौरान सूर्य की किरणें या रोशनी वायुमंडल से परवर्तित होकर चंद्रमा पर पड़ती है। अन्य किरणें वायुमंडल में विखर जाती हैं। वहीं केवल लाल रंग की रोशनी चंद्रमा पर पड़ती है। इसे ब्लड मून कहा जाता है।
नोट-: इस लेख में बताए गए उपाय, लाभ, सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। यशभारत डॉट काम यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों, ज्योतिषियों, पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं, धर्मग्रंथों, दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। यशभारत डॉट काम अंधविश्वास के खिलाफ है।








