Dhanteras Shubh Muhurt 2026: धनतेरस का पर्व इस बार 6 नवंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। दीपोत्सव की शुरुआत के साथ ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन, वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स की खरीदारी के लिए लोग तैयारियां कर रहे हैं। अगर आप भी धनतेरस पर खरीदारी की योजना बना रहे हैं तो Dhanteras shubh muhurt जानना आपके लिए जरूरी है। इस बार धनतेरस पर मालव्य राजयोग, हस्त नक्षत्र और विष्कुंभ योग का संयोग बन रहा है। वहीं लक्ष्मी-कुबेर पूजन के लिए शाम का विशेष मुहूर्त बताया गया है।
Dhanteras Shubh Muhurt 2026: धनतेरस पर बन रहा मालव्य राजयोग
ज्योतिषाचार्य मनोज त्रिपाठी के अनुसार, इस वर्ष धनतेरस पर मालव्य राजयोग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र में मालव्य राजयोग को अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके साथ हस्त नक्षत्र और विष्कुंभ योग का भी संयोग रहेगा।
हालांकि, विष्कुंभ योग को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। ऐसे में ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि से बचकर शुभ चौघड़िया में खरीदारी करना बेहतर रहेगा। यही वजह है कि इस बार Dhanteras shubh muhurt को लेकर लोगों में विशेष उत्सुकता है।
धनतेरस 2026 पर लक्ष्मी-कुबेर पूजन का शुभ मुहूर्त
धनतेरस पर त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह 10 बजकर 31 मिनट से प्रारंभ होकर 7 नवंबर को सुबह 10 बजकर 49 मिनट तक रहेगी।
लक्ष्मी-कुबेर पूजन के लिए शाम 6 बजकर 2 मिनट से रात 7 बजकर 57 मिनट तक का समय श्रेष्ठ बताया गया है। यह समय वृषभ लग्न का भी है। ज्योतिष में वृषभ को स्थिर लग्न माना जाता है, इसलिए इसे पूजा के लिए विशेष शुभ माना जाता है।
Dhanteras Shubh Muhurt 2026 के प्रमुख समय:
- लक्ष्मी-कुबेर पूजन: शाम 6:02 से रात 7:57 बजे तक।
- प्रदोष काल: शाम 5:49 से रात 8:23 बजे तक।
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:48 से दोपहर 12:56 बजे तक।
- शुभ चौघड़िया: सुबह 8:16 से 9:48 बजे तक।
- खरीदारी का बताया गया समय: 6 नवंबर सुबह 10:31 बजे से 7 नवंबर सुबह 6:37 बजे तक।
धनतेरस पर खरीदारी का शुभ मुहूर्त क्या है?
धनतेरस पर सोने-चांदी के आभूषण, सिक्के और धातुओं के बर्तन खरीदने की परंपरा है। इस बार खरीदारी के लिए 6 नवंबर सुबह 10:31 बजे से 7 नवंबर सुबह 6:37 बजे तक का समय बताया गया है।
इसके अलावा सुबह 8:16 से 9:48 बजे तक शुभ चौघड़िया रहेगा। खरीदारी करने से पहले Dhanteras shubh muhurt और स्थानीय पंचांग के अनुसार समय का मिलान करना बेहतर रहेगा।
धनतेरस पर सोना-चांदी के अलावा क्या खरीदना शुभ है?
धनतेरस पर सोने-चांदी के आभूषण और सिक्के खरीदने के साथ पीतल, तांबे और अन्य धातुओं के बर्तन खरीदने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई वस्तुएं घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक होती हैं।
इसी वजह से धनतेरस पर बर्तन बाजार में विशेष रौनक रहती है। इसके अलावा लोग अपनी जरूरत और बजट के अनुसार वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की खरीदारी भी करते हैं।
गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां और झाड़ू खरीदने का महत्व
धनतेरस पर भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की अलग-अलग मूर्तियां खरीदना शुभ माना जाता है। दीपावली पूजन के लिए खील-बताशे, मिट्टी के दीपक और पूजा सामग्री खरीदने की भी परंपरा है।
इसके अलावा झाड़ू खरीदने का भी विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, झाड़ू को माता लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। इस दिन झाड़ू घर लाने से नकारात्मकता दूर होने और सुख-समृद्धि आने की मान्यता है।
धनतेरस पर किन चीजों की खरीदारी से बचें?
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर लोहे, एल्युमिनियम और कांच की वस्तुएं खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है। इसी तरह चाकू, कैंची, सुई जैसी नुकीली वस्तुओं और जूते-चप्पलों की खरीदारी को भी कई धार्मिक परंपराओं में शुभ नहीं माना जाता।
हालांकि, ये धार्मिक और पारंपरिक मान्यताएं हैं। इनका पालन करना या न करना व्यक्तिगत आस्था का विषय है।
धनतेरस पर बाजारों में बढ़ेगी रौनक
धनतेरस के साथ ही दीपावली की खरीदारी अपने चरम पर पहुंचने लगती है। बाजारों में सोने-चांदी के सिक्कों और आभूषणों से लेकर बर्तन, सजावटी सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स और मिट्टी के दीपकों तक की मांग बढ़ जाती है।
लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार छोटी-बड़ी वस्तुएं खरीदकर पर्व की खुशियों में शामिल होते हैं। ऐसे में Dhanteras shubh muhurt 2026 के अनुसार खरीदारी और लक्ष्मी-कुबेर पूजन की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं।

