ये सरकारी साजिश है, कायराना हरकत नहीं सहेंगे…” अखिलेश के विवादित पोस्टर को सपा सांसद ने सरेआम किया राख, बीजेपी और प्रशासन पर दागे तीखे सवाल
ये सरकारी साजिश है, कायराना हरकत नहीं सहेंगे..." अखिलेश के विवादित पोस्टर को सपा सांसद ने सरेआम किया राख, बीजेपी और प्रशासन पर दागे तीखे सवाल
ये सरकारी साजिश है, कायराना हरकत नहीं सहेंगे…” अखिलेश के विवादित पोस्टर को सपा सांसद ने सरेआम किया राख, बीजेपी और प्रशासन पर दागे तीखे सवाल
सीतापुर : उत्तर प्रदेश के सीतापुर में समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर लगाए गए एक विवादित होर्डिंग पर सियासी संग्राम छिड़ गया है। इस पोस्टर के सामने आने के बाद गुस्साए सपा सांसद आनंद भदौरिया तुरंत समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और होर्डिंग को उतारकर सरेआम उसमें आग लगा दी। सपा सांसद ने इस हरकत के पीछे भारतीय जनता पार्टी (BJP) और सरकारी तंत्र का हाथ होने का गंभीर आरोप लगाया है।
होर्डिंग पर क्या था लिखा?
सीतापुर की कांशीराम कॉलोनी के समीप बाईपास रोड पर यह विवादित होर्डिंग लगाया गया था:
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विवादित टिप्पणी: होर्डिंग पर समाजवादी पार्टी के संरक्षक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तस्वीरें लगाई गई थीं। पोस्टर पर बड़े-बड़े अक्षरों में “दिल में बाबर, मुंह में राम” लिखा हुआ था।
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अज्ञात प्रकाशक: हैरान करने वाली बात यह है कि इस होर्डिंग पर इसे लगाने वाले किसी भी व्यक्ति, राजनीतिक दल, संस्थान या संगठन का नाम नहीं लिखा था। नेशनल हाईवे के पास होने के कारण इस पोस्टर ने आते-जाते लोगों का ध्यान खींचा, जिससे इलाके में तनाव और चर्चा का माहौल बन गया।
“यह कायराना हरकत है” – भड़के सपा सांसद आनंद भदौरिया
घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे सपा सांसद आनंद भदौरिया ने होर्डिंग को फाड़कर आग के हवाले कर दिया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए सरकार और प्रशासन पर तीखे हमले बोले:
“अखिलेश यादव जी की बढ़ती लोकप्रियता से बौखलाकर यह कायराना हरकत की गई है। नेशनल हाईवे पर बिना किसी नाम-पते के ऐसे विवादित होर्डिंग लग जाना बिना सरकारी तंत्र (खासकर सूचना विभाग) और स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत के संभव नहीं है। यह जानबूझकर प्रदेश का सांप्रदायिक माहौल खराब करने की कोशिश है।”
उन्होंने स्थानीय प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज के जरिए दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
एक महीने में दूसरी बार ऐसी घटना: टाइमलाइन
सीतापुर में सपा नेतृत्व को निशाना बनाकर इस तरह की होर्डिंग लगाने का यह पहला मामला नहीं है।
प्रशासन ने साधी चुप्पी, सपा बनाएगी रणनीति
इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने फिलहाल पूरी तरह चुप्पी साध रखी है। पोस्टर लगाने वाले असामाजिक तत्वों या संगठन की पहचान को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
सांसद आनंद भदौरिया ने कहा कि वे इस पूरे मामले को सपा आलाकमान (पार्टी नेतृत्व) के संज्ञान में ला रहे हैं। बीजेपी द्वारा की जा रही इस कथित ‘पोस्टर पॉलिटिक्स’ का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पार्टी बहुत जल्द अपनी अगली रणनीति का ऐलान करेगी।








