Meta में फिर मचेगी खलबली! 8000 कर्मचारियों की छंटनी के बाद और लेऑफ्स के संकेत; CEO जकरबर्ग ने AI को लेकर कही यह बड़ी बात। सिलिकॉन वैली दिग्गज टेक कंपनी Meta (फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप) में छंटनी का काला साया अभी हटा नहीं है। पिछले महीने अपनी कुल वर्कफोर्स के 10% (करीब 8,000 कर्मचारी) को बाहर का रास्ता दिखाने के बाद अब कंपनी ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में नौकरी कटौती का एक और दौर आ सकता है।
Meta में फिर मचेगी खलबली! 8000 कर्मचारियों की छंटनी के बाद और लेऑफ्स के संकेत; CEO जकरबर्ग ने AI को लेकर कही यह बड़ी बात
“भविष्य में लेऑफ्स से इनकार नहीं”
मेटा की चीफ पीपल ऑफिसर जेनेल गेल ने एक इंटरनल मीटिंग में साफ किया कि वह आगे छंटनी न होने का वादा नहीं कर सकतीं। गेल के मुताबिक, कंपनी का बिजनेस भले ही मजबूत है, लेकिन:
- बदलती प्राथमिकताएं: कंपनी नए प्रोजेक्ट्स पर फोकस कर रही है।
- कड़ी प्रतिस्पर्धा: गूगल और टिकटॉक जैसी कंपनियों से वैश्विक मुकाबला।
- लागत नियंत्रण: मुनाफे को बढ़ाने के लिए खर्चों में कटौती की जरूरत।
AI नहीं है छंटनी की मुख्य वजह: जकरबर्ग
सीईओ मार्क जकरबर्ग ने उन चर्चाओं पर विराम लगा दिया जिनमें कहा जा रहा था कि ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) इंसानों की जगह ले रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि AI टीमों को ज्यादा प्रभावी बना रहा है, लेकिन मौजूदा छंटनी का इकलौता कारण AI नहीं है। साथ ही उन्होंने साफ किया कि कंपनी कर्मचारियों की जासूसी नहीं करती, बल्कि डेटा का उपयोग AI मॉडल (जैसे नया Spark मॉडल) को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है।
प्रभावितों को 18 महीने का हेल्थ कवर
जेनेल गेल ने माना कि छंटनी से कर्मचारियों के मनोबल पर बुरा असर पड़ा है। राहत के तौर पर, कंपनी प्रभावित कर्मचारियों को 18 महीने तक हेल्थकेयर कवर की सुविधा दे रही है, ताकि उन्हें नए अवसर तलाशने में मदद मिल सके। Meta में फिर मचेगी खलबली! 8000 कर्मचारियों की छंटनी के बाद और लेऑफ्स के संकेत; CEO जकरबर्ग ने AI को लेकर कही यह बड़ी बात

