HTTPS या ताले का निशान नहीं है सुरक्षा की गारंटी: eMudhra मामले ने ऑनलाइन बैंकिंग व शॉपिंग सिक्योरिटी पर उठाए सवाल

HTTPS या ताले का निशान नहीं है सुरक्षा की गारंटी: eMudhra मामले ने ऑनलाइन बैंकिंग व शॉपिंग सिक्योरिटी पर उठाए सवाल

HTTPS या ताले का निशान नहीं है सुरक्षा की गारंटी: eMudhra मामले ने ऑनलाइन बैंकिंग व शॉपिंग सिक्योरिटी पर उठाए सवाल

नई दिल्ली। अगर आप भी वेबसाइट के नाम के आगे ‘HTTPS’ या ताले का निशान (Padlock Icon) देखकर उस पर आंख बंद करके भरोसा कर लेते हैं, तो सावधान हो जाइए। भारत की अग्रणी साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल सिग्नेचर कंपनी eMudhra से जुड़े एक हालिया मामले ने ऑनलाइन सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को उजागर कर दिया है। कंपनी के आठ डिजिटल सर्टिफिकेट्स की ‘प्राइवेट-की’ (Private Keys) बेहद कमजोर पाई गईं, जिससे फर्जी वेबसाइट्स को भी असली और सुरक्षित दिखाकर साइबर फ्रॉड करने का बड़ा खतरा पैदा हो सकता था।

क्या है पूरा मामला और क्या था खतरा?

eMudhra वेबसाइट सिक्योरिटी, डिजिटल सिग्नेचर और ऑनलाइन पहचान से जुड़ी सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी के ग्लोबल बिजनेस से जुड़े आठ इंटरमीडिएट सर्टिफिकेट्स में यह तकनीकी खामी पाई गई।

डिजिटल सर्टिफिकेट किसी वेबसाइट के “पहचान पत्र” की तरह होते हैं, जिससे ब्राउज़र यह तय करता है कि साइट सुरक्षित है या नहीं। यदि साइबर अपराधी इन कमजोर सर्टिफिकेट्स का गलत इस्तेमाल करते, तो वे बैंक या शॉपिंग पोर्टल जैसी हूबहू फर्जी वेबसाइट्स बनाकर यूजर्स के पासवर्ड, लॉगिन आईडी और बैंकिंग डिटेल्स चुरा सकते थे।

सरकार और eMudhra का एक्शन

हालांकि, राहत की बात यह है कि इस खामी का फायदा उठाकर किसी साइबर हमले या डेटा लीक होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं।

  • सर्टिफिकेट रद्द: कंपनी ने प्रभावित आठों इंटरमीडिएट सर्टिफिकेट्स को 19 अक्टूबर को तुरंत प्रभाव से रद्द (Revoke) कर दिया।

  • ग्लोबल टेक दिग्गजों को अलर्ट: गूगल, मोजिला, एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट को सूचित कर प्रभावित सर्टिफिकेट्स को ब्लॉक करा दिया गया है।

  • मंत्रालय की जांच: इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए विशेष टीम गठित की है।

  • भारतीय सेवाएं सुरक्षित: MeitY ने स्पष्ट किया है कि भारत के नियमन के तहत आने वाली डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) और eSign सेवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं।

ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए क्या करें?

  1. HTTPS ही सब कुछ नहीं: HTTPS का मतलब है कि आपके और वेबसाइट के बीच डेटा एन्क्रिप्टेड है, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं कि वेबसाइट का मालिक भरोसेमंद है।
  2. URL की जांच करें: बैंकिंग या शॉपिंग के दौरान वेबसाइट के स्पेलिंग (URL) को ध्यान से देखें।
  3. अपरिचित लिंक से बचें: किसी मैसेज या ईमेल में आए संदिग्ध पेमेंट लिंक पर कभी क्लिक न करें।
  4. गोपनीयता बनाए रखें: OTP, पिन या पासवर्ड कभी किसी के साथ साझा न करें।