क्रेविंग्स की असल वजह: चॉकलेट, मीठा या चिप्स खाने का मन करे तो समझें शरीर किस न्यूट्रिएंट की कर रहा है मांग
Health Tips: अचानक चॉकलेट या मीठा खाने का करे मन तो न करें नजरअंदाज, जानें शरीर में किस न्यूट्रिएंट की है कमी

क्रेविंग्स की असल वजह: चॉकलेट, मीठा या चिप्स खाने का मन करे तो समझें शरीर किस न्यूट्रिएंट की कर रहा है मांग
स्वास्थ्य डेस्क: अक्सर हमें अचानक मीठा, चॉकलेट, पेस्ट्री या नमकीन (सॉल्टी) चीज़ें खाने की तीव्र इच्छा (Cravings) होने लगती है। यह जानते हुए भी कि पैक्ड और रिफाइंड फूड्स सेहत के लिए नुकसानदेह हैं, हम अपनी क्रेविंग्स को शांत करने के लिए इन्हें खा लेते हैं। हालांकि, न्यूट्रिशनिस्ट किरण कुकरेजा के अनुसार, ये क्रेविंग्स असल में आपके शरीर द्वारा किसी खास पोषक तत्व (Nutrients) की मांग करने का एक तरीका हैं।
अगर हम अपने शरीर के इन संकेतों को सही से समझ लें, तो अनहेल्दी खाने के बजाय अपने शरीर को सही पोषण दे सकते हैं।
किस क्रेविंग का क्या है मतलब और क्या खाएं?
चॉकलेट खाने का मन (मैग्नीशियम की कमी)
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वजह: जब शरीर में मैग्नीशियम की कमी होती है, तब चॉकलेट खाने की तीव्र इच्छा होती है। हालांकि चॉकलेट में थोड़ा मैग्नीशियम होता है, लेकिन उसमें रिफाइंड शुगर और फैट अधिक होने के कारण इसे खाने से बचना चाहिए।
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हेल्दी विकल्प: काजू, कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds), पालक और बीन्स का सेवन करें।
मीठा या मिठाई की क्रेविंग (प्रोटीन की मांग)
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वजह: अगर आपका मन मिठाई खाने का कर रहा है, तो इसका मतलब है कि आपके शरीर को उस समय प्रोटीन की ज़रूरत है।
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हेल्दी विकल्प: दही, भुना हुआ चना, प्रोटीन शेक या अंडे (Egg) का सेवन करें।
सॉल्टी फूड्स / नमकीन-चिप्स (इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी)
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वजह: जब चिप्स या नमकीन खाने की क्रेविंग हो, तो यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी का संकेत है।
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हेल्दी विकल्प: छाछ, नारियल पानी, भुना हुआ मखाना या नींबू पानी पिएं।
ब्रेड, पेस्ट्री या रिफाइंड कार्ब्स (एनर्जी की ज़रूरत)
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वजह: रिफाइंड कार्ब्स खाने की इच्छा का मतलब है कि आपके शरीर को तत्काल ऊर्जा (Energy) चाहिए।
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हेल्दी विकल्प: तुरंत पच जाने वाले सिंपल कार्ब्स के बजाय कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स चुनें। इसके लिए फल, शकरकंद, चावल या ओट्स खाएं। ये धीरे-धीरे एनर्जी देते हैं और पेट को घंटों तक भरा रखते हैं।
सलाह: अगली बार जब भी चीनी, चिप्स या चॉकलेट खाने की इच्छा हो, तो रुकें और खाने की इच्छा से लड़ने के बजाय शरीर को वह न्यूट्रिशन दें जिसकी उसे असल में ज़रूरत है।








