उत्तरप्रदेश

बदला गया यूपी के ‘फाजिलनगर’ का नाम; अब ‘पावागढ़’ के नाम से जाना जाएगा ऐतिहासिक कस्बा

बदला गया यूपी के 'फाजिलनगर' का नाम; अब 'पावागढ़' के नाम से जाना जाएगा ऐतिहासिक कस्बा

कुशीनगर: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के एक और महत्वपूर्ण शहर/कस्बे का नाम बदलकर उसे उसकी प्राचीन और धार्मिक पहचान सौंप दी है। कुशीनगर जिले का ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से बेहद चर्चित कस्बा ‘फाजिलनगर’ अब आधिकारिक तौर पर ‘पावागढ़’ के नाम से जाना जाएगा।

बदला गया यूपी के ‘फाजिलनगर’ का नाम; अब ‘पावागढ़’ के नाम से जाना जाएगा ऐतिहासिक कस्बा

मंगलवार (2 जून) को कुशीनगर के दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मंच से इसका औपचारिक और बड़ा ऐलान किया। इस ऐतिहासिक घोषणा के साथ ही सीएम योगी ने कुशीनगर की जनता को ₹424 करोड़ से अधिक की लागत वाली 278 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास की भारी सौगात भी दी।

“हम क्यों फाजिल कहें?” — सीएम योगी आदित्यनाथ

जनसभा में आए जनसैलाब को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर और फाजिलनगर के गौरवशाली धार्मिक इतिहास को याद किया। उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए नाम बदलने के फैसले की मुख्य वजह बताई:

“यह पावन भूमि भगवान राम के पुत्र कुश, महामानव भगवान बुद्ध और जैन तीर्थंकर भगवान महावीर की धरती है। जनता की जो मांग होती है, फाजिलनगर के स्थानीय विधायक जी उसे हमारे सामने रखते हैं और हम उसे पूरा करते हैं। अब फाजिलनगर को हम ‘पावागढ़’ के तौर पर नई मान्यता दे रहे हैं। यह नया नाम भगवान महावीर के पावन नाम और उनकी अनमोल विरासत से जुड़ा होगा। जब इस क्षेत्र की पहचान भगवान महावीर से है, तो हम इसे फाजिल क्यों कहें? अपनी विरासत पर गौरव करना हर नागरिक का दायित्व है।”

सीएम योगी ने आगे कहा कि पिछले 9-10 वर्षों में हमारी सरकार ने उत्तर प्रदेश से ‘मच्छर और माफिया’ दोनों का इलाज कर उन्हें जड़ से खत्म कर दिया है, जिसके कारण आज विकास की ऐसी बड़ी परियोजनाएं धरातल पर उतर पा रही हैं।

भगवान महावीर और बुद्ध से जुड़ा है पावागढ़ का इतिहास

इतिहास के पन्नों को पलटें तो प्राचीन काल में इस पूरे क्षेत्र को ‘पावा’ या ‘पावानगर’ के नाम से जाना जाता था, जो वर्तमान में फाजिलनगर कस्बा है:

  • भगवान महावीर का परिनिर्वाण: यह स्थान जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की परिनिर्वाण स्थली (मोक्ष स्थल) के रूप में विश्वभर के जैन अनुयायियों के बीच अत्यंत पूजनीय है।

  • बुद्ध का अंतिम भोजन स्थल: बौद्ध धर्म की मान्यताओं के अनुसार, भगवान बुद्ध महापरिनिर्वाण ग्रहण करने के लिए कुशीनगर जाते समय इसी मार्ग से गुजरे थे और उनका अंतिम भोजन स्थल भी यही क्षेत्र माना जाता है।

  • अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा: सरकार का विधिक और प्रशासनिक मानना है कि नाम बदलकर ‘पावागढ़’ करने से इस क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक और धार्मिक पर्यटन (Spiritual Tourism) के मानचित्र पर एक नई और वैश्विक पहचान मिलेगी।

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