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जिस घर में गूंजी थीं शहनाइयां, वहीं उठ गया जनाजा- सुहागरात पर दूल्हे की मौत

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जिस घर में गूंजी थीं शहनाइयां, वहीं उठ गया जनाजा- सुहागरात पर दूल्हे की मौत। अमरोहा में निकाह के बाद दुल्हन के साथ घर लौटे परवेज आलम उर्फ गुड्डू (42) की शादी की रात ही सांसें थम गईं। शनिवार देर रात अचानक गुड्डू की तबीयत बिगड़ी। इलाज की कोशिशों के बीच उन्होंने दम तोड़ दिया। डॉक्टर ने मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है।

गुड्डू अमरोहा शहर के मोहल्ला नोगजा के रहने वाले थे। जामा मस्जिद रोड पर किताबों की दुकान का संचालन करने वाले गुड्डू के माता-पिता और बड़े भाई का पहले ही इंतकाल हो चुका है। इसके बाद से वह अपने छोटे भाई पप्पू के साथ रहते थे।

शनिवार की रात मोहल्ला नल नई बस्ती के एक मैरिज हॉल में गुड्डू की बरात गई थी। वहां मोहल्ला बड़ा दरबार में रहने वाले परिवार की बेटी से उनका निकाह हुआ। निकाह के बाद दुल्हन को लेकर गुड्डू रिश्तेदारों के साथ घर लौट आए।

रात करीब दो बजे अचानक गुड्डू की तबीयत बिगड़ी
रविवार को वलीमे (खुशी की दावत) का कार्यक्रम होना था। शनिवार देर रात करीब दो बजे अचानक गुड्डू की तबीयत बिगड़ गई। सीने में दर्द बताने पर परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने उन्हें मुरादाबाद रेफर कर दिया। मुरादाबाद के निजी अस्पताल में देखते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि डॉक्टर ने हार्ट अटैक से जान जाने की बात कही है।

 

बार-बार पछाड़ें खा रही दुल्हन के आंसू सारा श्रृंगार बहा ले गए। हालात इस तरह के बने कि ससुराल में दुल्हन बनकर पहुंचने के कुछ समय बाद ही उसे शौहर के जनाजे का सामना करना पड़ा। बदहवास दुल्हन को सहारा दे रहीं रिश्तेदार और आसपास की महिलाएं भी सुबक रही थीं।

हर कोई उस खराब घड़ी को कोस रहा था, जिसमें देखते ही देखते बसने से पहले नए जोड़े की गृहस्थी उजड़ गई। हालात के आगे हर कोई मजबूर था। परवेज आलम उर्फ गुड्डू के भाई पप्पू ने बताया कि छह महीने पहले ही शादी तय हुई थी। पिता कदीर अहमद, माता अफसरी और बड़े भाई तनवीर के इंतकाल के बाद से घर में गहराए सूनेपन को भाई की शादी की खुशी से दूर कर लेने की उम्मीद थी लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था।

दो बहनें शहनाज और सनुज बेगम शादीशुदा होने के कारण कभी-कभी ही मायके आ पाती हैं। पप्पू ने बताया कि शादी के अगले दिन रविवार को वलीमे की तैयारी थी। समाज के बीच कार्ड बंट चुके थे। इस अनहोनी से वलीमे की तैयारी छोड़कर दूल्हा बने भाई को आखिरी विदाई देनी पड़ी। गमजदा रिश्तेदारों और आसपास के लोगों ने रविवार दिन में गुड्डू के शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।

जिस घर में गूंजी थीं शहनाइयां, वहीं उठ गया जनाजा- सुहागरात पर दूल्हे की मौत

 

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