जबलपुर के गांवों की बदलेगी सूरत: हर विधानसभा में बनेगा एक ‘वृंदावन ग्राम’, गोबर गैस प्लांट और जैविक खेती से संवरेगा ग्रामीणों का भविष्य। मध्य प्रदेश के गांवों को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। अब हर विधानसभा क्षेत्र में एक ‘वृंदावन ग्राम’ विकसित किया जाएगा। जबलपुर जिले की चार विधानसभाओं में शुरुआती तौर पर चार गांवों का चयन कर लिया गया है, जिन्हें मॉडल विलेज के रूप में तैयार किया जाएगा।
King Kobra: दराज खोला तो निकला सोने की अंगूठी पहना हुआ कोबरा, नजारा देख उड़े घर वालों के होश; फिर जो हुआ…
जबलपुर के गांवों की बदलेगी सूरत: हर विधानसभा में बनेगा एक ‘वृंदावन ग्राम’, गोबर गैस प्लांट और जैविक खेती से संवरेगा ग्रामीणों का भविष्य
क्या है ‘वृंदावन ग्राम’ की अवधारणा?
यह केवल एक गांव नहीं, बल्कि एक आत्मनिर्भर आर्थिक केंद्र होगा। इन गांवों में बुनियादी सुविधाओं (सड़क, बिजली, पानी, सफाई) के अलावा निम्नलिखित विशेष व्यवस्थाएं होंगी:
-
गोबर गैस प्लांट: रसोई ईंधन के लिए घर-घर गैस और ऊर्जा की व्यवस्था।
-
जैविक खाद: रसायनों को छोड़ प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर जैविक खाद का उत्पादन।
-
पशुपालन: आधुनिक डेयरी फार्मिंग और पशुपालन के जरिए रोजगार के अवसर।
सभी विभाग एक साथ करेंगे काम
वृंदावन ग्राम की सबसे खास बात यह है कि यहाँ विकास के लिए किसी एक विभाग पर निर्भरता नहीं होगी। जिला पंचायत के नेतृत्व में कृषि, पशुपालन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और ऊर्जा विभाग जैसे सभी विभाग मिलकर काम करेंगे। इससे ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
जबलपुर में चयन प्रक्रिया पूरी
जिला पंचायत ने जबलपुर की चार विधानसभाओं में चार गांवों का चयन कर लिया है। इन गांवों में बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का सर्वे शुरू हो चुका है। सरकार का लक्ष्य है कि इन गांवों को ऐसा ‘रोल मॉडल’ बनाया जाए, जिसे देखकर आसपास के अन्य ग्रामीण क्षेत्र भी प्रेरित हों।

