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नाबालिग बालिका का हाथ पकड़कर जबरजस्ती बात करने का दवाब बनाने वाले आरोपी को हुआ 03 वर्ष का सश्रम कारावास

Supreme Court sets out object and purpose of Order VII Rule 11 of the Code of Civil Procedure1908

नाबालिग बालिका का हाथ पकड़कर जबरजस्ती बात करने का दवाब बनाने वाले आरोपी को हुआ 03 वर्ष का सश्रम कारावा

 

कटनी -अनन्य विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट द्वारा थाना बाकल के प्रकरण अप.क्र. 401/2025 प्रकरण क्र. एससी 40/25 में आरोपी धर्मेन्द्र सिंह को धारा 126(2),74,75 (1) (i) बीएनएस एवं धारा 7/8 पाक्सो एकट में दोष सिद्ध पाते हुए आरोपी धर्मेन्द्र सिंह को धारा 126 (2) बीएनएस में 01 माह का साधारण कारावास एवं 100रु अर्थदंड, धारा 74 बीएनएस में 01 वर्ष का सश्रम कारावास 100रु अर्थदंड, धारा 75 (1) () बीएनएस में 01 वर्ष का सश्रम कारावास एवं धारा 7/8 पाक्सो एक्ट में 03 वर्ष का सश्रम कारावास 100 रू अर्थदंड से दंडित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्री हरिकृष्ण त्रिपाठी द्वारा की गई।

 

मीडिया सेल प्रभारी सुरेन्द्र कुमार गर्ग द्वारा जानकारी देकर बताया गया कि दिनांक 24.11.2025 को सुबह 08:00 बजे फरियादी की मझली लडकी अपनी सहेली के साथ साइकिल से कोचिंग पढने जा रही थी, तभी उसके गांव के रहने वाले धर्मेन्द्र ने प्राथमिक स्कूल के सामने पुलिया के पास गलत नियत से उसकी साइ‌किल रोककर उसका बायां हाथ पकड़ा और जबरजस्ती बात करने का दवाब बना रहा था और कोचिंग से वापस आते समय मिलने की बात पर पर धमकी देते हुए कहा कि यदि नहीं मिली या तो ये बात अपने माता, पिता को बताई तो जान से मार दूंगा। यह बात मेरी बेटी ने मुझे घर आकर बात बताई। घटना के बाद से ही मेरी बेटी बहुत डरी हुई थी और बदनामी के डर से मैने अभी तक शिकायत नही की। धर्मेन्द्र घटना दिनांक से ही गांव में कहीं दिखाई नही दिया, फरियादी की उक्त शिकायत पर आरोपी के विरुदध धारा 126(2),74, 75(1) 351 (3) बीएनएस एवं पाक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत अपराध पंजीबदध कर विवेचना में लिया गया।

 

विवेचना दौरान घटनास्थल का नक्शा मौका बनाया गया एवं आवश्यक साक्ष्य संकलन उपरांत अभियोग पत्र विशेष न्यायालय पाक्सो के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

 

विचारण उपरांत माननीय अनन्य विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट द्वारा अभियोजन के गवाहों, दस्तावेजों एवं वैज्ञानिक साक्ष्य को विश्वसनीय पाते हुये एवं विशेष लोक अभियोजक के तर्कों से सहमत होते हुए माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी धर्मेन्द्र सिंह को धारा 126 (2) बीएनएस में 01 माह का साधारण कारावास एवं 100रु अर्थदंड, धारा 74 बीएनएस में 01 वर्ष का सश्रम कारावास 100रु अर्थदंड , धारा 75 (1) () बीएनएस में 01 वर्ष का सश्रम कारावास एवं धारा 7/8 पाक्सो एक्ट में 03 वर्ष का सश्रम कारावास 100 रु अर्थदंड से दंडित किया गया ।

 

प्रकरण में माननीय न्यायालय के द्वारा अभियोक्त्री को 20,000 रु का प्रतिकर राशि दिलाये जाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को लेख किया गया है। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक हरिकृष्ण त्रिपाठी द्वारा की गई।

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