Latestअंतराष्ट्रीय

मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव: सऊदी पर हूती हमले के बाद एक्शन में पाकिस्तान, ईरान को दी कड़ी चेतावनी; मोचा शहर पर कब्जे से समंदर में हड़कंप

मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव: सऊदी पर हूती हमले के बाद एक्शन में पाकिस्तान, ईरान को दी कड़ी चेतावनी; मोचा शहर पर कब्जे से समंदर में हड़कंप

सना/रियाद (यश भारत नेटवर्क): मिडिल ईस्ट में हूती विद्रोहियों की आक्रामकता और सऊदी अरब पर उनके ताजा हमलों ने क्षेत्र के सामरिक और रणनीतिक समीकरणों को हिलाकर रख दिया है। सऊदी अरब में हुए बड़े हमले के बाद पाकिस्तान ने ईरान को चेतावनी जारी करते हुए हूतियों पर लगाम कसने को कहा है। वहीं, दूसरी ओर यमन के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण तटीय शहर ‘मोचा’ पर हूतियों के कब्जे ने लाल सागर (Red Sea) और वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए खतरे की घंटी बजा दी है।

सऊदी पर हूती हमले में 73 घायल, पाकिस्तान ने दिया ‘डिफेंस पैक्ट’ का हवाला

हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के ठिकानों पर किए गए मिसाइल/ड्रोन हमले में 73 लोगों के घायल होने की खबर है। हमले के तुरंत बाद सऊदी वायुसेना ने यमन में हूतियों के ठिकानों पर जोरदार जवाबी हवाई कार्रवाई की।

सऊदी पर हुए इस हमले के बाद पाकिस्तान भी रक्षात्मक मोड में आ गया है:

  • सक्रिय हो सकता है रक्षा समझौता: पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ अपने द्विपक्षीय ‘डिफेंस पैक्ट’ का हवाला देते हुए साफ किया कि सऊदी की सुरक्षा पर खतरा मंडराने पर यह समझौता सक्रिय हो सकता है।

  • ईरान को चेतावनी: हूतियों को ईरान के समर्थन का हवाला देते हुए पाकिस्तान ने तेहरान से कहा है कि वह अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर हूतियों को सऊदी अरब पर और हमले करने से रोके, वरना स्थिति गंभीर रूप ले सकती है।

यमन के ‘मोचा’ शहर पर हूतियों का कब्जा: अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर संकट

इस संघर्ष के बीच हूती विद्रोहियों ने यमन के प्रमुख तटीय शहर मोचा (Mocha) पर पूर्ण नियंत्रण कर लिया है:

  • सामरिक महत्व: मोचा शहर लाल सागर के मुहाने पर स्थित है। इस पर कब्जे से हूतियों की पहुंच बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट (Bab-al-Mandab Strait) तक बेहद मजबूत हो गई है।

  • समुद्री मार्ग खतरे में: बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है, जहां से दुनिया का बड़ा अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और तेल की सप्लाई होती है।

  • ग्लोबल चिंता: लाल सागर में हूतियों की मजबूत होती पकड़ से अंतरराष्ट्रीय मालवाहक जहाजों की आवाजाही पर संकट गहरा गया है।

क्या है आगे का रुख?

पाकिस्तान की चेतावनी और सऊदी अरब की जवाबी सैन्य कार्रवाई के बाद अब गेंद ईरान के पाले में है। अगर हूती विद्रोहियों की ओर से हमले जारी रहते हैं, तो पाकिस्तान, सऊदी अरब, ईरान और यमन के इस बहुकोणीय संघर्ष से पूरे मिडिल ईस्ट में बड़ा सैन्य संकट खड़ा हो सकता है।

Back to top button