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Telingana Election War: ‘कांग्रेस की गारंटी टिशू पेपर से भी बदतर’, अपने घोषणापत्र के बचाव में BRS एमएलसी कविता

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'Choose Right' campaign: How to choose your leader among tempting slogans... Bull crusher Kachchi Ghani started 'Choose Right' campaign

Telingana Election War: ‘कांग्रेस की गारंटी टिशू पेपर से भी बदतर’, अपने घोषणापत्र के बचाव में BRS एमएलसी कविता ने भाजपा और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा ।  तेलंगाना में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान हो चुका है। राजनीतिक पार्टियों ने अपने-अपने उम्मीदवारों का एलान कर दिया है। वहीं, रविवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री और भारत राष्ट्रीय समिति (बीआरएस) अध्यक्ष के चंद्रशेखर ने हैदराबाद में पार्टी के घोषणा पत्र का एलान किया। घोषणापत्र जारी होने के साथ ही राजनीतिक गलियारों में हलचल शुरू हो गई। अब बीआरएस की एमएलसी के कविता ने भाजपा और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि घोषणापत्र देखकर भाजपा और कांग्रेस बौखला गई है।

बीआरएस घोषणापत्र पर पार्टी एमएलसी कविता ने कहा कि उन्हें बहुत खुशी और गर्व है कि बीआरएस ने आगामी तेलंगाना विधानसभा चुनावों के लिए घोषणापत्र जारी किया। यह एक ऐसा घोषणापत्र है जो राज्य ही नहीं देश को एक अलग राह पर ले जाएगा। उन्होंने कहा, ‘हम बहुत अच्छी नीति-निर्माण में हैं और हमने इसे जारी रखा है। हमारा घोषणापत्र हमारे नेता के दिमाग का बहुत स्पष्ट प्रतिबिंब है।’

कविता ने पहले कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘बीआरएस का घोषणापत्र हमेशा की तरह गरीबों के विकास से जुड़ा हुआ है। यह देखकर कांग्रेस और भाजपा बौखला गई है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रेवंत रेड्डी कहते हैं कि हमारा घोषणापत्र एक रफ पेपर है, अगर हमारा घोषणापत्र रफ पेपर है तो कांग्रेस पार्टी की गारंटी टिशू पेपर से भी बदतर है। कांग्रेस पार्टी 65 साल सरकार में रही, लेकिन क्या उन्होंने कभी किसानों को प्रोत्साहन देने के बारे में सोचा?’

बीआरएस एमएलसी ने आगे भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि साढ़े नौ साल के कार्यकाल में भाजपा ने तेलंगाना के लिए एक भी स्पेशल प्रोजेक्ट नहीं दिया। उन्होंने हमेशा तेलंगाना को नकारा। कल जी किशन रेड्डी बीआरएस के घोषणापत्र पर बोल रहे थे।

उन्होंने कहा, ‘हम रेड्डी से पूछते हैं उनका दो करोड़ रोजगार और रेलवे प्रोजेक्ट के वादे का क्या हुआ? आपने 10 सालों में जितनी बातें की उनमें से कुछ भी पूरी नहीं की।’

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