रेस्टोरेंट्स में ‘डिजिटल बिलिंग घोटाला’: आयकर विभाग की छापेमारी में करोड़ों की टैक्स चोरी का खुलासा Income Tax Department ने आंध्र प्रदेश के कई रेस्टोरेंट्स में बड़ी कार्रवाई करते हुए टैक्स चोरी के मामले में छापेमारी की है। टीम ने Visakhapatnam स्थित Celebrations Restaurant समेत चार जगहों पर एक साथ छापा मारकर कंप्यूटर डेटा और ऑनलाइन भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की।
जांच के दौरान अधिकारियों को डिजिटल रिकॉर्ड डिलीट किए जाने के सबूत मिले, जिसके बाद आईटी टीम ने विशेष रूप से कंप्यूटर सर्वर और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन पर ध्यान केंद्रित किया।
आयकर विभाग ने Nellore के Vengamamba Restaurant और Rajahmundry के Barkas Arabian Mandi में भी तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई देशभर में रेस्टोरेंट्स और होटलों में डिजिटल रिकॉर्ड डिलीट कर टैक्स चोरी किए जाने की शिकायतों के बाद की गई।
कैसे चल रहा था टैक्स चोरी का खेल
जांच में सामने आया कि कुछ रेस्टोरेंट और होटल ग्राहकों से वसूला गया Goods and Services Tax (GST) सरकार को जमा नहीं कर रहे थे। अधिकारीयों के मुताबिक कई प्रतिष्ठानों ने पिछले पांच वर्षों में करीब 70 हजार करोड़ रुपये का कारोबार छिपाया। यह मामला हैदराबाद स्थित The Oberoi की शाखाओं के निरीक्षण के दौरान सामने आया, जिसके बाद देशभर में जांच तेज कर दी गई।
सॉफ्टवेयर के जरिए ‘ई-गोलमाल’
आईटी अधिकारियों की जांच में पता चला कि कई रेस्टोरेंट्स के बिलिंग सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी कर भुगतान के बाद असली बिलिंग डेटा बदल दिया जाता था। बैकएंड एक्सेस के जरिए बिल का रिकॉर्ड डिलीट कर दिया जाता था और कई मामलों में पूरे 30 दिन का डेटा एक साथ मिटा दिया जाता था। इससे जीएसटी के साथ-साथ टर्नओवर का रिकॉर्ड भी गायब हो जाता था। जब अधिकारियों ने गुजरात स्थित मुख्य सर्वर की जांच की, तो बड़े पैमाने पर डिजिटल घोटाले का खुलासा हुआ।
कई राज्यों में फैला नेटवर्क
जांच में सामने आया कि जीएसटी बिलिंग में गड़बड़ी के मामले में कर्नाटक पहले, तेलंगाना दूसरे और तमिलनाडु तीसरे स्थान पर हैं। इसके बाद महाराष्ट्र, गुजरात और आंध्र प्रदेश का नंबर आता है। मामले को गंभीर मानते हुए Central Board of Direct Taxes ने देशभर में जांच के आदेश दिए हैं। इसी कड़ी में आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम, राजमुंदरी और नेल्लोर में व्यापक निरीक्षण किए गए।
