अजब गजब

झारखंड में तालिबानी क्रूरता: प्रेम-प्रसंग के शक में महिला और युवक को अर्धनग्न कर गांव में घुमाया; पति समेत 40 से ज्यादा पर FIR

झारखंड में तालिबानी क्रूरता: प्रेम-प्रसंग के शक में महिला और युवक को अर्धनग्न कर गांव में घुमाया; पति समेत 40 से ज्यादा पर FIR

झारखंड में तालिबानी क्रूरता: प्रेम-प्रसंग के शक में महिला और युवक को अर्धनग्न कर गांव में घुमाया; पति समेत 40 से ज्यादा पर FIR

पाकुड़। झारखंड के पाकुड़ जिले से एक बेहद अमानवीय और सनसनीखेज मामला सामने आया है। अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के बूढ़ीडूबा गांव में प्रेम-प्रसंग के शक में एक विवाहिता और एक युवक को तालिबानी सजा दी गई। दबंगों ने मर्यादा की सारी हदें पार करते हुए दोनों के कपड़े फाड़ दिए और उन्हें अर्धनग्न अवस्था में पूरे गांव में घुमाया। इस क्रूर कृत्य का वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तब जाकर पुलिस महकमे में हड़कंप मचा और आनन-फानन में टीम को घटनास्थल पर भेजा गया।

पुलिस ने कराया मुक्त, 40 से ज्यादा लोगों पर केस दर्ज

वीडियो वायरल होने के बाद अमड़ापाड़ा थाना पुलिस तुरंत एक्शन में आई:

  • थाना प्रभारी अनूप रोशन भंगरा और सब-इंस्पेक्टर चंदन कुमार भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पीड़ितों को ग्रामीणों के चंगुल से मुक्त कराया।

  • पीड़ितों को तुरंत मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया है। झारखंड में तालिबानी क्रूरता: प्रेम-प्रसंग के शक में महिला और युवक को अर्धनग्न कर गांव में घुमाया; पति समेत 40 से ज्यादा पर FIR

  • कड़ी कार्रवाई: एसडीपीओ विजय कुमार खुद इस मामले की निगरानी कर रहे हैं। पीड़िता के बयान के आधार पर अमड़ापाड़ा थाने में प्राथमिकी (FIR संख्या 49/2026) दर्ज की गई है। इसमें आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत 7 नामजद और करीब 30-40 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।

पति के इशारे पर रची गई क्रूर साजिश

जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला का मायका और ससुराल दोनों अमड़ापाड़ा क्षेत्र में ही हैं, जबकि पीड़ित युवक साहेबगंज जिले के बोरियो का निवासी है।

जांच में सामने आया है कि महिला के पति के इशारे पर ही ग्रामीणों ने इस अमानवीय घटना को अंजाम दिया। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि जब दोनों को प्रताड़ित किया जा रहा था, तब भीड़ तमाशबीन बनी खड़ी थी। सूचना यह भी है कि इस भीड़ में पंचायत के कुछ रसूखदार लोग भी शामिल थे।

ग्राम प्रधान की भूमिका संदिग्ध, मांगा गया स्पष्टीकरण

इस पूरे मामले में गांव के प्रधान की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि यह पूरा घटनाक्रम प्रधान की जानकारी में था, इसके बावजूद उन्होंने न तो इस कृत्य को रोकने का प्रयास किया और न ही पुलिस को इसकी सूचना दी।

  • लापरवाही और गोपनीयता बरतने के आरोप में स्थानीय प्रशासन ने प्रधान से लिखित स्पष्टीकरण (Explanation) मांगा है।
  • दूसरी ओर, पंचायत मुखिया साहेबजान टुडू ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा, “हमारा संविधान किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं देता। आदिवासी संस्कृति में नारी का सम्मान सर्वोपरि है और ऐसी घटनाओं के खिलाफ प्रशासन को सख्त रुख अपनाना चाहिए।”

पुलिस का आश्वासन: बख्शे नहीं जाएंगे दोषी

पाकुड़ पुलिस ने पीड़ित परिवार और समाज को भरोसा दिलाया है कि मामले की जांच पूरी तरह पारदर्शी और तेज गति से की जा रही है। मुख्य आरोपियों के साथ-साथ भीड़ में शामिल और वीडियो बनाने/वायरल करने वाले लोगों को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

यह घटना दर्शाती है कि जब भीड़ खुद को कानून से ऊपर मानकर ऑन-द-स्पॉट फैसला करने लगती है, तो इंसानियत किस कदर दम तोड़ देती है। अब देखना यह है कि इस घिनौने कृत्य के मास्टरमाइंड और उसके सहयोगियों को कानून कब तक सलाखों के पीछे भेजता है।

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