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तालिबान ने विदेशी शब्दों पर लगाया बैन, टीवी, मोबाइल और ट्रेन के नए विकल्प तय होंगे

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काबुल: तालिबान ने विदेशी शब्दों पर लगाया बैन, टीवी, मोबाइल और ट्रेन के नए विकल्प तय होंगे। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने देश में इस्तेमाल होने वाले विदेशी शब्द बदलने का बड़ा फैसला किया है। इसके तहत अब टीवी, मोबाइल, ट्रेन और अन्य विदेशी शब्दों को आधिकारिक और प्रशासनिक भाषा में बदलने की प्रक्रिया शुरू होगी। तालिबान नेता मौलवी हैबतुल्लाह अखुंदजादा ने इसका फरमान जारी किया है, जो तुरंत लागू हो गया।

तालिबान ने विदेशी शब्दों पर लगाया बैन, टीवी, मोबाइल और ट्रेन के नए विकल्प तय होंगे

समिति करेगी सुझाव पेश

फरमान के मुताबिक, न्याय मंत्रालय की अगुवाई में एक समिति बनाई जाएगी। इस समिति में शिक्षा, उच्च शिक्षा, सूचना और संस्कृति मंत्रालय, विज्ञान अकादमी और प्रशासनिक विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति विदेशी शब्दों का मूल्यांकन कर उनके लिए नए स्थानीय विकल्प सुझाएगी। अंतिम निर्णय मौलवी हैबतुल्लाह अखुंदजादा करेंगे।

हर विभाग को सूची बनाने के आदेश

तालिबान सरकार की सभी एजेंसियों को इस प्रक्रिया में सहयोग करना होगा। हर विभाग को अपने इस्तेमाल किए जाने वाले विदेशी शब्दों की सूची तैयार करनी होगी और समिति को नए विकल्प देने होंगे।

पिछला प्रयास और हाल की नीति

अफगानिस्तान में भाषा की शुद्धता पर पहले भी ध्यान दिया जाता रहा है। पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने 2012 में विदेशी शब्द हटाने का फरमान दिया था, लेकिन बदलाव सीमित रहे। बीते पांच सालों में तालिबान सरकार ने शहरों में अंग्रेजी या अन्य विदेशी शब्दों वाले बैनर और बिलबोर्ड हटाए और कई शब्दों को अरबी नामों से बदलने के प्रयास किए।

मकसद

तालिबान सरकार का मानना है कि विदेशी शब्दों की जगह स्थानीय शब्दों का इस्तेमाल करने से भाषा और सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी। अब हर सरकारी दस्तावेज और प्रशासनिक कामकाज में नए शब्दों का इस्तेमाल अनिवार्य होगा। यह कदम तालिबान की भाषा नीति का हिस्सा है।

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