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अंगदान कर सुनील कुमार ताम्रकार ने दिया मानवता का संदेश, कटनी मुक्तिधाम में गार्ड ऑफ ऑनर से दी गई अंतिम विदाई

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अंगदान कर सुनील कुमार ताम्रकार ने दिया मानवता का संदेश, कटनी मुक्तिधाम में गार्ड ऑफ ऑनर से दी गई अंतिम विदा

 

कटनी। ताम्रकार समाज के सुनील कुमार ताम्रकार के निधन के बाद उनके परिवार ने साहसिक और प्रेरणादायी निर्णय लेते हुए अंगदान कर मानवता की अनूठी मिसाल पेश की। परिजनों के इस निर्णय से जरूरतमंद लोगों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगी है। परिवार के इस पुनीत कार्य की समाज में सराहना की जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुनील कुमार ताम्रकार के निधन के बाद उनके परिजनों ने दुख की इस घड़ी में भी समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। उन्होंने अंगदान का निर्णय लेकर दूसरों के जीवन को बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया। अंगदान की प्रक्रिया इंदौर के अस्पताल में संपन्न कराई गई। परिवार का यह निर्णय इस बात का संदेश देता है कि मृत्यु के बाद भी मानव शरीर दूसरों के जीवन में आशा की नई किरण जगा सकता है।

सुनील कुमार ताम्रकार के इस योगदान और उनके परिवार के मानवीय निर्णय को सम्मान देते हुए मध्य प्रदेश शासन की ओर से उन्हें राजकीय सम्मान प्रदान किया गया। कटनी स्थित मुक्तिधाम में दिवंगत आत्मा को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।

सुनील कुमार ताम्रकार के परिवार ने व्यक्तिगत दुख के बीच अंगदान जैसा महत्वपूर्ण निर्णय लेकर समाज के सामने सेवा, संवेदना और मानवता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनका यह कदम लोगों को अंगदान के प्रति जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

अंगदान को जीवनदान कहा जाता है। सुनील कुमार ताम्रकार के परिवार की यह पहल समाज को प्रेरित करती है कि अंगदान के माध्यम से किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन देने का अवसर मिल सकता है। उनका यह मानवीय योगदान लंबे समय तक लोगों को प्रेरणा देता रहेगा।

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