Student Scholarship: शिक्षा सत्र 2019-20 खत्म हो चुका है, लेकिन अभी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति नहीं मिली है। सरकारी और निजी कॉलेजों में पढ़ाने वाले ऐसे सैकड़ों विद्यार्थी हैं, जिसमें एसटी-एससी और ओबीसी सभी शामिल है।
असल में देरी की वजह यह है कि पहले सरकार के पास बजट नहीं था। बाद में कोरोना का बहाना बनाकर विभागों ने पैसा रोक दिया है। अब जब नया सत्र शुरू होने वाला है। इसके चलते विभाग ने महीनों से अटके इन आवेदनों पर जल्द सुनवाई के निर्देश दिए है। उधर कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि काफी पहले ही विद्यार्थियों के आवेदन संबंधित विभाग में भेजे जा चुके है।
अगस्त तक एसटी-एससी वर्ग के 80 फीसद विद्यार्थी को राशि मिल गई है। मगर ओबीएससी में स्थिति बिलकुल उलटी है। इनकी राशि अभी तक संबंधित विभाग तक नहीं पहुंची। उधर विभाग ने पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के आवेदन मंजूर कर दिए है। अब पुराने और नए आवेदनों पर जल्द सुनवाई कर विद्यार्थियों को राशि देना है। ताकि छात्र-छात्राएं अपनी कॉलेज की फीस भर सके। विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी डॉ. राजेंद्र जुगादे ने आदेश दिए है।
कॉलेजों को छात्रवृत्ति के सभी आवेदन का निराकरण जल्द करना है। यहां तक सात दिन में रिपोर्ट भी देना है। अतिरिक्त संचालक डॉ. सुरेश सिलावट का कहना है कि कॉलेजों से छात्रवृत्ति के संबंध में सभी आवेदन जल्द ही संबंधित विभागों में भिजवाए जाएंगे। जिसे 15 दिन के भीतर विद्यार्थियों को राशि आवंटित हो सके।

