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Steroid: न बनाएं ऐसी बॉडी: जिम में पांच दोस्तों ने एक ही सीरिंज से ली स्टेरॉयड की डोज, एक निकला HIV पॉजिटिव; चार की रिपोर्ट बाकी

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Steroid बॉडी बनाने के लिए जिम में इंजेक्शन लेने से 24 वर्षीय युवक ह्यूमन इम्यूनो डेफिसियंसी वायरस (एचआईवी) की चपेट में आ गया। एक ही सीरिंज से पांच युवाओं ने डोज ली थी। इसमें एक संक्रमित मिला और अन्य की जांच रिपोर्ट आनी बाकी है।

स्वास्थ्य विभाग की काउंसलिंग में पता चला कि जिम में दोस्तों का ग्रुप (समूह) बॉडी बिल्डिंग के लिए इंजेक्शन लेता है। बताया जा रहा है कि सभी ने एक नीडल से बॉडी बिल्डिंग की डोज ली। विपरीत परिणाम दिखे तो युवक ने अपनी समस्याएं परिजनों से बांटी। किसी तरह मामला स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी तक पहुंचा। स्वास्थ्य कर्मी ने युवक को एचआईवी जांच की सलाह दी। युवक की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव निकली।

परिजनों ने दिया हौसला

पीड़ित ने सारी समस्या परिजनों को बताई। इसके बाद एचआईवी जांच के लिए युवक के परिवार ने पूरा सहयोग किया। निजी अस्पताल में प्राथमिक जांच कराई। जहां सिंग्ल टेस्ट पॉजिटिव निकला। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने जांच कर मामले की पुष्टि की। मामले का जल्दी पता चलने से युवक में बीमारी के दुष्परिणामों को कम किया जा सकता है।

तीन मुख्य कारणों से फैल रहा संक्रमण
एचआईवी के कारण वर्ष 2021 वर्ष 2022 (छह माह)
असुरक्षित यौन संबंध 121 मामले 90 मामले
एक से अधिक द्वारा एक इंजेक्शन का इस्तेमाल 89 मामले 84 मामले
पीड़ित परिजनों द्वारा नवजात में 00 मामले 01 मामले
पहल संस्था ( मैन टू मैन यौन संबंध) 04 मामले 05 मामले

20 साल में 18 गुना बढ़े मामले

जिला नागरिक अस्पताल (बीके) परिसर में वर्ष 2002 से इंटिग्रेटेड काउंसिलंग एंड टेस्टिंग सेंटर (आईसीटीसी) शुरू किया गया। शुरुआती साल में 69 लोगों ने एचआईवी जांच कराई। इसमें 10 संक्रमित मिले। डॉ. शीला ने बताया कि एचआईवी पीड़ित को लोग अवैध यौन संबंधों से जोड़कर देखते हैं। ऐसे में मरीज कई सामाजिक प्रताड़नाओं से लड़ता है।

हालांकि एचआईवी होने के कई कारण हैं। कई बार पीड़ित जांच रिपोर्ट को मानने से इनकार करता है। वर्ष 2008 तक साढ़े तीन हजार लोगों की जांच की गई। वर्ष 2008 तक कुल 73 एचआईवी पीड़ित मिले। 10 वर्ष में एचआईवी से जुड़े मामले चार गुना बढ़ गए। वर्ष 2018 में 67,352 संभावित मरीजों की जांच में 339 लोग एचआईवी से पीड़ित पाए गए। वर्ष 2019 में 344 और 2020 में 183 मरीज मिले। वर्ष 2021 में 214 पॉजिटिव मामले मिले। इस वर्ष जनवरी से जून तक 180 संक्रमितों की पहचान की गई है।

स्टेरॉयड इंजेक्शन से बॉडी बिल्डिंग का है ट्रेंड जिम

ट्रेनर संजीव बताते हैं कि युवा कुछ ही माह में बॉलीवुड हीरो जैसे एब्स चाहते हैं। इस कारण वह गैर प्रमाणित जिम व ट्रेनर से राय लेकर इंजेक्शन के जरिए स्टेरॉयड की डोज बॉडी में पहुंचाते हैं। इससे मात्र तीन माह में बॉडी में एब्स उभर आते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इन दिनों युवा टेस्टा, डायनाबोल, डेकाडोन नाम के स्टेरॉयड की खुराक लेकर ग्रोथ हार्मोंस बदलते हैं। प्रोटीन के साथ प्री वर्क आउट के साथ इसका चलन है।

किसी भी काम के दुष्परिणाम जानें तो हो सकता है बचाव

एचआईवी, टीबी या कोई भी ऐसी बीमारी जिसके दुष्परिणाम युवाओं को पता हो तो वे उसके दुष्परिणामों से बच सकते हैं। यौन संबंध में सुरक्षा बरतें। इंजेक्शन नीडल (सुई) हमेशा नई ही इस्तेमाल करें। शॉर्टकट से बचें। युवाओं की जागरूकता के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। किसी भी संदेह में एक्सपर्ट या परिवार की राय जरूर लें। – डॉ शीला भगत, नोडल टीबी-एचआईवी नियंत्रण विभाग

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