श्रीमद् भागवत कथा: कृष्ण जन्म पर भक्ति के रंग में डूबा छपरवाह, बाल लीलाओं का वर्णन सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु

श्रीमद् भागवत कथा में कृष्ण जन्म पर झूम उठे श्रद्धाल
कटनी(। शहर के उपनगरीय क्षेत्र छपरवाह में चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा में आज रविवार को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कथा के दौरान जैसे भगवान का जन्म हुआ तो पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान लोग झूमने-नाचने लगे।
कथा व्यास मैहर धाम से पधारे मनीष गौतम महाराज ने कहा कि कलयुग में भागवत की कथा सुनने मात्र से हर प्राणी को मोक्ष की प्राप्ति होती है। कथावाचक ने कहा कि भागवत कथा एक ऐसी कथा है जिसे ग्रहण करने मात्र से ही मन को शांति मिलती है। भागवत कथा सुनने से अहंकार का नाश होता है। भागवत कथा के आयोजन से श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल है। भगवान श्रीकृष्ण की वेश में नन्हें बालक के दर्शन करने के लिए लोग लालायित नजर आ रहे थे। कथा वाचक ने कहा कि जब धरती पर चारों ओर त्राहि-त्राहि मच गई, चारों ओर अत्याचार, अनाचार का साम्राज्य फैल गया तब भगवान श्रीकृष्ण ने देवकी के आठवें गर्भ के रूप में जन्म लेकर कंस का संहार किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न बाल लीलाओं का वर्णन किया। आयोजक सेवानिवृत्त आयुध निर्माणी कर्मचारी सुशील कुमार शुक्ला, श्रीमती आशा शुक्ला ने आरती व पूजा पाठ किया। श्रीमद् भागवत कथा में श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनने कथा स्थल में भारी संख्या में पुरुष और महिला श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।

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