मंदसौर। मिट्टी के कलात्मक बर्तन और मिट्टी के खिलौनों से लेकर मिट्टी के गुलदस्ते और मिट्टी के कुर्सी टेबल तक सब कुछ माटी कला के अंतर्गत आता है। इस तरह के प्रोडक्ट यूनिक होते हैं। मार्केट में इनकी डिमांड हमेशा रहती है और यही कारण है कि इनकी कीमत भी हमेशा सामान्य से बहुत ज्यादा होती है। मिट्टी के फोटो फ्रेम तो अब फैशन में आ गए हैं। मध्यम दर्जे के कलाकार के लिए ₹600000 साल की कमाई कोई बड़ी बात नहीं है।
मंदसौर में 45 दिन का फ्री क्ले आर्ट ट्रेनिंग कैंप
सहायक संचालक हाथकरघा मंदसौर द्वारा बताया गया कि मध्यप्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा माटीकला (clay art) क्षेत्र में युवाओं एवं माटीकला का कार्य करने वाले इच्छुक व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिये माटीकला में टेराकोटा एवं कौशल प्रशिक्षण मास्टर द्वारा नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा।
स्थानीय स्तर पर आयोजित होने वाले प्रशिक्षण की अवधि 45 दिवस की होगी। प्रशिक्षण में भाग लेने वाले व्यक्ति की आयु न्यूनतम 18 वर्ष होना अनिवार्य है। प्रशिक्षण के लिये आवेदन 30 नवंबर 2021 तक जिला हाथकरघा कार्यालय जनपद कार्यालय के पीछे मंदसौर में प्रस्तुत कर सकते है।
भारत के किसी भी गांव और शहर में स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं
यदि आप मंदसौर में ट्रेनिंग नहीं कर सकते तब भी भारत के किसी भी गांव या शहर में अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं। यूट्यूब पर कई सारे वीडियो मौजूद है जो आपकी मदद कर सकते हैं। बहुत कम पूंजी और थोड़ी सी प्रैक्टिस में आपके प्रोडक्ट तैयार हो जाएंगे। बड़े शहरों में आर्ट एंड कल्चर गैलरीज और मध्यम दर्जे के शहरों में लगने वाले मेलों में इनका अपना ही आकर्षण होता है।

