Shivraj Cabinet: 23 लाख से ज्यादा लोगों को गांव में ही मिलेगा राशन, युवाओं को रोजगार
Shivraj Cabinet: तीन से पांच किलोमीटर दूर उचित मूल्य की राशन दुकान पर खाद्यान्न लेने के लिए आने वाले आदिवासी विकासखंडों के उपभोक्ताओं को जल्द ही इससे छुटकारा मिल जाएगा। प्रदेश सरकार सभी आदिवासी विकासखंडों में मुख्यमंत्री राशन आपके द्वार योजना लागू करने जा रही है। इसके दायरे में सात हजार 511 गांवों के 23 लाख से ज्यादा हितग्राही आएंगे। गांवों तक राशन पहुंचाने के लिए वाहन की व्यवस्था स्थानीय अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को बैंक से वाहन के लिए ऋण दिलाकर की जाएगी। दो से तीन लाख रुपये की मार्जिन मनी भी सरकार जमा करेगी और सात तक ब्याज अनुदान भी देगी। फिलहाल योजना नवंबर से उपचुनाव वाले क्षेत्रों को छोड़कर लागू होगी।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में आदिवासी विकासखंड के गांवों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न् गांव में ले जाकर वितरित कराने की योजना को अनुमति दी गई है। इसमें दुकान से गांव तक खाद्यान्न् ले जाने का काम स्थानीय अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए उन्हें बैंक से ऋण दिलाकर एक व दो टन खाद्यान्न ले जाने की क्षमता वाले वाहन खरीदवाए जाएंगे।
वाहन खरीदने के लिए परिवहनकर्ता को सिर्फ 25 हजार रुपये का भुगतान करना होगा। परिवहनकर्ता को मासिक मानदेय, लाभ, ब्याज राशि, हम्माली, ईंधन व्यय का भुगतान (24 से लेकर 31 हजार रुपये प्रतिमाह) भी सरकार की ओर से किया जाएगा। इस पर सालाना 14 करोड़ रुपये से अधिक का व्यय आएगा। वाहन खरीदने के लिए मार्जिन मनी की एकमुश्त राशि नौ करोड़ 69 लाख रुपये जनजातीय कार्य विभाग द्वारा दी जाएगी।
चुनाव से योजना को जोड़ना ठीक नहीं
कांग्रेस द्वारा योजना को लेकर उठाए जा रहे सवाल पर राज्य सरकार के प्रवक्ता गृहमंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि इसे उपचुनाव से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 18 सितंबर को इसकी घोषणा कर चुके हैं। 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस भोपाल में मनाया जाएगा। इसमें कई योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी

