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साथनकुलम कस्टोडियल डेथ: 9 पुलिसकर्मियों को फांसी, हिम्मत की मिसाल बनी महिला कांस्टेबल रेवती

साथनकुलम कस्टोडियल डेथ: 9 पुलिसकर्मियों को फांसी, हिम्मत की मिसाल बनी महिला कांस्टेबल रेवती। थूथुकुडी जिले के साथनकुलम में वर्ष 2020 में हुई चर्चित कस्टोडियल डेथ मामले में हाल ही में बड़ा फैसला सामने आया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच रिपोर्ट के आधार पर मदुरै की विशेष अदालत ने 9 पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई।

साथनकुलम कस्टोडियल डेथ: 9 पुलिसकर्मियों को फांसी, हिम्मत की मिसाल बनी महिला कांस्टेबल रेवती

साथनकुलम कस्टोडियल डेथ: 9 पुलिसकर्मियों को फांसी, हिम्मत की मिसाल बनी महिला कांस्टेबल रेवती

यह मामला लॉकडाउन के दौरान दुकान खोलने के आरोप में पी. जयराज और उनके बेटे जे. बेनिक्स की हिरासत में मौत से जुड़ा है। आरोप है कि दोनों को रातभर लॉकअप में बेरहमी से पीटा गया, जिससे उनकी मौत हो गई।

इस पूरे मामले में एक महिला कांस्टेबल रेवती की हिम्मत निर्णायक साबित हुई। घटना के समय वह साथनकुलम पुलिस स्टेशन में तैनात थीं।

रेवती ने उस रात की भयावहता को याद करते हुए बताया कि लॉकअप से लगातार चीखें आ रही थीं—रहम की गुहार, दर्द की पुकार। जयराज और बेनिक्स की आवाजें आज भी उनके कानों में गूंजती हैं।

जब न्यायिक मजिस्ट्रेट एम.एस. भारतीदासन जांच के लिए पहुंचे, तब रेवती ने पूरी सच्चाई बताने का फैसला किया। हालांकि, उन्होंने पहले अपने परिवार और नौकरी की सुरक्षा की गारंटी मांगी। आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने 9 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक-एक कर अहम खुलासे किए।

रेवती की इसी बहादुरी और सच बोलने के साहस ने इस मामले में न्याय की राह आसान की। आज उनका नाम उस गवाह के रूप में लिया जा रहा है, जिसने सिस्टम के अंदर रहकर ही सच को सामने लाने का जोखिम उठाया।

 

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