देश को अब 23 नए सैनिक स्कूल मिलने जा रहे हैं। शनिवार को आधिकारिक सूचना के मुताबिक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पार्टनरशिप मोड पर इन स्कूलों को स्थापित करने के लिए मंजूरी दे दी है। रक्षा मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक नए स्कूल, संबंधित शिक्षा बोर्डों से संबद्धता के अलावा, सैनिक स्कूल सोसाइटी के तत्वावधान में कार्य करेंगे और सोसाइटी द्वारा निर्धारित पार्टनरशिप मोड में नए सैनिक स्कूलों के लिए नियमों और विनियमों का पालन करेंगे।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सरकार ने गैर सरकारी संगठनों, निजी स्कूलों और राज्य सरकारों के साथ साझेदारी में 100 नए सैनिक स्कूल स्थापित करने की पहल को मंजूरी दी है। ये पहल कक्षा 6 से शुरू करके क्रमबद्ध तरीके से शुरू की गई है। इस पहल के तहत सैनिक स्कूल सोसाइटी ने देशभर के 19 नए सैनिक स्कूलों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए हैं। साझेदारी मोड के तहत नए सैनिक स्कूल खोलने के लिए आवेदनों के मूल्यांकन के बाद रक्षा मंत्री ने साझेदारी मोड में 23 नए सैनिक स्कूलों की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इस पहल से पिछले पैटर्न के तहत कार्यरत मौजूदा 33 सैनिक स्कूलों के अलावा सैनिक स्कूल सोसाइटी के तत्वावधान में साझेदारी मोड के तहत कार्यरत नए सैनिक स्कूलों की संख्या बढ़कर 42 हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 100 नए सैनिक स्कूल स्थापित करने के दृष्टिकोण के पीछे का उद्देश्य छात्रों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सशस्त्र बलों में शामिल होने सहित बेहतर कॅरियर के अवसर प्रदान करना है। यह निजी क्षेत्र को आज के युवाओं को भविष्य के जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रशिक्षित करके राष्ट्र निर्माण की दिशा में सरकार के साथ मिलकर काम करने का अवसर भी प्रदान करता है।
सैनिक स्कूलों की बढ़कर 42 हुई संख्या
साझेदारी मोड के तहत देश के 11 राज्यों में 23 नए सैनिक स्कूल खोले जाएंगे। इनमें से उत्तर प्रदेश में मथुरा, लखनऊ, इटावा, हरियाणा में कुरुक्षेत्र, हिमाचल प्रदेश में हमीरपुर में स्कूल खुलेंगे। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में एक, बिहार में एक, छत्तीसगढ़ में चार, कर्नाटक में एक, केरल में दो, मध्य प्रदेश में तीन, महाराष्ट्र में दो, राजस्थान में चार जिलों में स्कूल खुलेंगे। मंत्रालय ने कहा है कि इस पहल से सैनिक स्कूल सोसाइटी के तत्वावधान में पार्टनरशिप मोड के तहत काम करने वाले नए सैनिक स्कूलों की संख्या बढ़कर 42 हो गई है, इसके अलावा मौजूदा 33 सैनिक स्कूल पहले से ही मौजूदा पैटर्न के तहत काम कर रहे हैं।

