Sagar Crime News: सागर में पेशी के दौरान आरोपी की मौत,
Sagar Crime News सागर यश भारत। सागर के सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट के बाहर धारा 151 के एक आरोपी की पेशी के दौरान मौत हो गई।
पीएम रिपोर्ट के बाद मामले की जांच होगी -एसपी अतुल सिंह
मृतक की प्रारंभिक जांच में हार्ट फेल से मौत होना सामने आया है जबकि मृत्यु के तथ्यों का खुलासा कल होने वाले पोस्टमार्टम के बाद ही हो सकेगा। एसपी अतुल सिंह ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है।
सागर के मोतीनगर थाना अंतर्गत बड़ा करीला क्षेत्र से संबंधित है।
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यहां रहने वाली एक महिला ने मृतक आरोपी नरेंद्र अहिरवार उम्र 45 वर्ष पर गाली गलौज व धक्कामुक्की की शिकायत दर्ज कराई थी। थाना मोतीनगर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 151 के तहत मामला दर्ज करते हुए दोपहर के बाद एमएलसी कराते हुए करीब 4 बजे शाम को सिटी मजिस्ट्रेट सीएल वर्मा की कोर्ट में पेश किया था।
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इसी दौरान आरोपी की तबियत बिगड़ने पर जिला चिकित्सालय तिली ले जाया गया जहां प्राथमिक जांच में ही उसे मृत घोषित कर दिया गया।मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसका हार्ट फेल होना सामने आया है।
घटना पर मृतक के परिजनों और परिचितों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पेशी के दौरान उसके सीने में दर्द व घबराहट होने की बात को नजरंदाज कर इलाज नहीं कराने का आरोप लगाया है।
सागर एसपी अतुल सिंह ने यश भारत के संभागीय ब्यूरो को दी गई जानकारी में बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जमानत दे दी गई थी। जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने पर पुलिस द्वारा ही उसे अस्पताल ले जाया गया था। उन्होंने घटना दुःख जताते हुए कहा है कि वास्तविक तथ्यों को सामने लाए बिना किसी भी तरह की अफवाह फेलाना उचित नहीं है।
मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी।
कृपया अफवाह या कुछ भी न फैलाएं, जो असत्यापित हो। ऐसी मौतों के लिए न्यायिक पर्यवेक्षण के तहत आगे की जांच करने की प्रक्रिया के बाद मौत के कारण की सटीक प्रकृति का पता लगाने के लिए एक स्थापित प्रक्रिया है। पुलिस और प्रशासन। " - अतुल सिंह, एसपी सागर“Pls do not spread rumor or anything ,which is unvarified . For such deaths there is a established procedure to find out exact nature of cause of death .police n admistratiion following tht process to conduct further inquiry under judicial supervision .”
– Atul Singh, SP Sagar

