युद्ध की सनक में कंगाल हुआ रूस-1 साल में 5 लाख से ज्यादा लोग दिवालिया; अमेरिका-ईरान जंग से और भड़का तनाव
युद्ध की सनक में कंगाल हुआ रूस-1 साल में 5 लाख से ज्यादा लोग दिवालिया; अमेरिका-ईरान जंग से और भड़का तनाव

युद्ध की सनक में कंगाल हुआ रूस-1 साल में 5 लाख से ज्यादा लोग दिवालिया; अमेरिका-ईरान जंग से और भड़का तनाव
वॉशिंगटन/मॉस्को: चार साल से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध ने अब रूस की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है और इसका सबसे दर्दनाक असर वहां की आम जनता पर दिखने लगा है। एक नई यूरोपीय खुफिया रिपोर्ट के हवाले से ‘अलजजीरा’ ने एक बेहद चौंकाने वाला और डरावना खुलासा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अकेले वर्ष 2025 में रूस के 5 लाख से ज्यादा नागरिकों ने खुद को दिवालिया (Bankrupt) घोषित कर दिया है।
लगातार बढ़ते कर्ज और युद्ध पर हो रहे भारी सरकारी खर्च की वजह से रूस के आम लोगों, कंपनियों और बैंकों पर वित्तीय दबाव चरम पर पहुंच चुका है।
1. पटरी से उतरी रूस की GDP, आर्थिक रफ्तार हुई सुस्त
रूस-यूक्रेन युद्ध के चौथे साल में प्रवेश करने के साथ ही देश के आर्थिक हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। खुद रूस के आर्थिक विकास मंत्रालय ने घुटने टेकते हुए वर्ष 2026 के लिए देश की जीडीपी (GDP) वृद्धि का अनुमान 1.3% से घटाकर मात्र 0.4% कर दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि रूस की आर्थिक तरक्की अब लगभग थमने की कगार पर है।
2. बैंक दबा रहे ‘जोखिम भरा कर्ज’, समय पर नहीं मिल रहा पैसा
रिपोर्ट के अनुसार, रूसी सरकार अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा केवल युद्ध और हथियारों पर खर्च कर रही है। ऐसे में देश के भीतर कंपनियों और आम लोगों को आर्थिक मदद देने की पूरी जिम्मेदारी वहां के बैंकों पर आ गई है।
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बैंकों ने पिछले कुछ सालों में अंधाधुंध तरीके से ऐसे लोगों और कंपनियों को भी लोन (कर्ज) बांट दिए, जिनके पैसे लौटाने का जोखिम (क्रेडिट रिस्क) बहुत ज्यादा था।
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नतीजा: अब रूस की एक बहुत बड़ी आबादी समय पर बैंक का कर्ज चुकाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है, जिससे लोग दिवालिया होने को मजबूर हैं।
3. क्या ढह जाएगा रूस का बैंकिंग सिस्टम?
रूस की कई बड़ी कंपनियों पर भी इस समय भारी कर्ज है, जिनमें से अधिकांश रक्षा उद्योग (Defense Sector) से जुड़ी हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि रक्षा कंपनियों के कर्ज का भुगतान अंततः रूसी सरकार खुद करेगी, इसलिए बड़े बैंकों पर तत्काल ताला लगने की आशंका कम है। रूसी बैंकों ने 2024 और 2025 के दौरान करीब 80 से 90 अरब डॉलर का मुनाफा कमाया था और इस साल के शुरुआती पांच महीनों में भी बैंकिंग सेक्टर का शुद्ध लाभ 1.9 ट्रिलियन रूबल से अधिक रहा है। लेकिन आम नागरिकों के लिए यह स्थिति किसी बड़ी आर्थिक इमरजेंसी से कम नहीं है।
दूसरी तरफ: अमेरिका और ईरान में दोबारा छिड़ गया युद्ध
इस वैश्विक आर्थिक मंदी और संकट के बीच दुनिया के दूसरे कोने से भी बेहद डराने वाली खबर है। कुछ दिनों की शांति के बाद अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध एक बार फिर शुरू हो गया है। पिछले 4 महीनों से दोनों देशों के बीच बना हुआ यह तनाव अब हिंसक सैन्य टकराव में बदल चुका है। मिडल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते इस नए जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण दुनिया भर के बाजारों में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें लगातार आसमान छू रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में वैश्विक महामंदी का खतरा और ज्यादा गहरा गया है।








