Rupee vs Dollar: RBI के सख्त कदमों से रुपया 92.41 पर मजबूत, सट्टेबाजी पर लगा ब्रेक, डॉलर के मुकाबले दबाव में दिख रहा भारतीय रुपया अचानक मजबूत होकर 92.41 के स्तर पर पहुंच गया है, जिससे बाजार में हलचल तेज हो गई है। हालांकि इस मजबूती के पीछे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सख्त और आक्रामक कदमों को मुख्य कारण माना जा रहा है।
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Rupee vs Dollar: RBI के सख्त कदमों से रुपया 92.41 पर मजबूत, सट्टेबाजी पर लगा ब्रेक
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईरान तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच जहां कई वैश्विक मुद्राएं डॉलर के आगे कमजोर पड़ीं, वहीं भारतीय रुपया ने शुक्रवार को 92.59 प्रति डॉलर पर मजबूती दिखाई और बाद में 92.41 तक रिकवरी दर्ज की।
रिपोर्ट्स के अनुसार, मार्च के अंत में विदेशी बाजारों में रुपए को कमजोर करने के लिए की जा रही सट्टेबाजी (short positions) को रोकने के लिए RBI ने कड़े कदम उठाए। केंद्रीय बैंक ने बैंकों की दैनिक मुद्रा स्थिति को 100 मिलियन डॉलर तक सीमित कर दिया, जिससे लगभग 30 अरब डॉलर के आर्बिट्रेज ट्रेड बंद करने पड़े।
इसके अलावा RBI ने ऑफशोर डेरिवेटिव्स (NDF) बाजार में बैंकों की ट्रेडिंग पर भी रोक लगाई, जिससे डॉलर के खिलाफ लगाए जा रहे दांव तेजी से खत्म हो गए और रुपये में मजबूती देखने को मिली।
हालांकि इस कदम का असर बैंकिंग सेक्टर पर भी पड़ा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस बड़े बदलाव से बैंकों को लगभग 5,000 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है, जबकि देश के बड़े बैंक SBI को भी करोड़ों डॉलर के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
वहीं, इस नीति परिवर्तन को लेकर विदेशी निवेशकों में चिंता बढ़ी है। कई निवेशकों ने भारतीय बॉन्ड मार्केट से करीब 1 अरब डॉलर की निकासी की है। विशेषज्ञों का मानना है कि अचानक उठाए गए ऐसे कदमों से बाजार में नीतिगत अनिश्चितता का संकेत जा सकता है।
RBI का कहना है कि ये सभी कदम अस्थायी हैं और उद्देश्य केवल बाजार में अत्यधिक सट्टेबाजी को रोकना है। हालांकि भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव आगे भी रुपये की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

