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Rosie Kalita: असम की इस महिला अफसर से खौफ खाए नेता-अफसर, CM हिमंत की मानी जाती हैं खास भरोसेमंद

Rosie Kalita: असम की इस महिला अफसर से खौफ खाए नेता-अफसर, CM हिमंत की मानी जाती हैं खास भरोसेमंद

Rosie Kalita: असम की इस महिला अफसर से खौफ खाए नेता-अफसर, CM हिमंत की मानी जाती हैं खास भरोसेमंद

Rosie Kalita: असम की इस महिला अफसर से खौफ खाए नेता-अफसर, CM हिमंत की मानी जाती हैं खास भरोसेमंदद। असम में नेताओं से लेकर अधिकारियों तक पर आफत आई हुई है. बीते दिनों कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई से जुड़ी एक जांच रिपोर्ट सीएम को सौंपी गई तो अब एक महिला अधिकारी के आवास पर रेड में कई खुलासे हुए. इस पूरे एक्शन में राज्य की तेज तर्रार महिला पुलिस अधिकारी रोजी कलिता शामिल रहीं. वह सीएम हिमंत की भरोसेमंद मानी जाती हैं और विजिलेंस टीम को लीड भी करती हैं।

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Rosie Kalita: असम की इस महिला अफसर से खौफ खाए नेता-अफसर, CM हिमंत की मानी जाती हैं खास भरोसेमंद

असम पुलिस के मुख्यमंत्री की विजलेंस टीम ने सोमवार को असम सिविल सेवा (एसीएस) अधिकारी नूपुर बोरा के गुवाहाटी स्थित आवास पर छापा मारा। रेड में लगभग 90 लाख रुपये कैश, 1 करोड़ रुपये से ज़्यादा मूल्य के सोने के आभूषण जब्त किए गए। बरामदगी की कुल कीमत 2 करोड़ रुपये आंकी गई है।

इस छापेमारी का नेतृत्व सीएम विजलेंस की SP रोजी कलिता ने किया. रोजी कलिता की गिनती असम की तेज तर्रार महिला अधिकारियों में होती है. वह सीएम हिमंत की भरोसेमंद मानी जाती हैं।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुलासा किया कि नूपुर बोरा पिछले छह महीनों से निगरानी में थीं. बारपेटा ज़िले में सर्किल ऑफिसर के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कथित तौर पर अवैध बसने वालों को सरकारी और सत्रा जमीन का अवैध पंजीकरण कराने में मदद की. रोजी कलिता ने पुष्टि की कि अधिकारी पर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं. उन्होंने कहा कि जब्त की गई नकदी और गहने एक प्रारंभिक कार्रवाई का हिस्सा थे और आगे की जांच में और भी चौंकाने वाले खुलासे और सबूत मिल सकते हैं।

कौन हैं टीम को लीड करने वालीं रोजी कलिता?

रोजी कलिता असम पुलिस में SP के रैंक पर हैं. उन्हें मुख्यमंत्री के स्पेशल विजिलेंस सेल में पुलिस अधीक्षक के रूप में उनकी भूमिका के लिए जाना जाता है. वह भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच का नेतृत्व करती हैं. उन्हें असम की पहली महिला पुलिस अधिकारी के रूप में जाना जाता है जिन्हें वीरता के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है. उन्हें कई अन्य पुरस्कार भी मिले हैं, जिनमें सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक और जांच में उत्कृष्टता के लिए केंद्रीय गृह मंत्री पदक शामिल हैं.

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के पाकिस्तान लिंक की जांच करने के लिए जो SIT बनाई गई है उसमें रोजी कलिता भी शामिल हैं. इस टीम ने सीएम हिमंत को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. बता दें कि इस साल फरवरी में सीएम हिमंत ने गोगोई पर उनकी पत्नी द्वारा 12 साल तक ब्रिटिश नागरिकता बनाए रखने और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े एक संगठन में उनकी नौकरी होने के आरोपों को लेकर हमला बोला था. सीएम ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में किसी का नाम लिए बिना, भारत के विरोध के बावजूद 2015 में तत्कालीन पाकिस्तानी उच्चायुक्त के साथ गोगोई की मुलाकात का भी ज़िक्र किया था.

रोजी के नेतृत्व में ये एक्शन भी हुए

रोजी कलिता के नेतृत्व में ही 2022 में असम के IPS अधिकारी रौनक अली हजारिका को गिरफ्तार किया गया था. रौनक अली हजारिका को APS में शामिल होने के बाद से असम सरकार के गृह विभाग से बिना किसी पूर्व अनुमति के कई विदेश यात्राएं करने के कारण निलंबित कर दिया गया था. रोजी कलिता के नेतृत्व में एक टीम हजारिका के हेंगराबारी स्थित आवास पर पहुंची थी और उन्हें गिरफ्तार किया था।

इससे पहले 2021 में रिटायर अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) सैबुर रहमान को गिरफ्तार किया गया था. हालांकि बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया था. सीएम विजिलेंस सेल ने उन्हें 100 करोड़ रुपये से ज़्यादा की संपत्ति रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था. रोजी कलिता के नेतृत्व में ये एक्शन हुआ था। असम की इस महिला अफसर से खौफ खाए नेता-अफसर, CM हिमंत की मानी जाती हैं खास भरोसेमंद

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