पुलिस अधीक्षक द्वारा ‘अर्दली रूम’ में समीक्षा: लापरवाही और अनुशासनहीनता पर 10 अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्यवाह
कटनी। पुलिस अधीक्षक, कटनी द्वारा आज पुलिस कार्यालय में ‘अर्दली रूम’ का आयोजन कर विभिन्न पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों तथा विभागीय जांच प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही, अनुशासनहीनता और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए, एसपी द्वारा कुल 10 प्रकरणों में निम्नानुसार दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की गई है:
प्रमुख दंडात्मक कार्यवाहियां:
वेतन वृद्धि पर रोक: विभागीय जांच में दोषी पाए गए प्रधान आरक्षक/आरक्षक वर्ग के कर्मचारियों द्वारा संतोषजनक जवाब न देने पर उनकी एक वेतन वृद्धि (असंचयी प्रभाव से) रोकने का दंड दिया गया।
बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले थाना स्तर के अधिकारी पर भी समान कार्यवाही की गई।
आर्थिक दंड (जुर्माना):
न्यायालयीन प्रकरणों में विवेचना में देरी करने वाले दो उप-निरीक्षकों (SI) पर ₹5,000-5,000 का अर्थदंड लगाया गया।
विभागीय जांच को अनावश्यक लंबित रखने पर सूबेदार/लाइन पदस्थ अधिकारी पर भी ₹5,000 का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
गंभीर लापरवाही पर सख्त एक्शन (50% वेतन कटौती):
एक उप-निरीक्षक द्वारा नाबालिग बालिका की दस्तयाबी के मामले में थाना प्रभारी के निर्देशों की अवहेलना करने और वैधानिक कार्यवाही (धारा 161 के कथन एवं वीडियोग्राफी) में विलंब करने एवं वरिष्ठ अधिकारी से अमर्यादित वार्तालाप को गंभीर अनुशासनहीनता माना गया। संबंधित अधिकारी पर एक माह के वेतन का 50% अर्थदंड अधिरोपित किया गया है।
विभागीय जांच एवं निंदा प्रविष्टि: शासकीय गोपनीयता भंग करने वाले उप-निरीक्षक के विरुद्ध विभागीय जांच प्रस्तावित की गई है।
जांच लंबित रखने वाले चौकी प्रभारियों एवं विशेष ड्यूटी से गायब रहने वाले प्रधान आरक्षकों की सेवा पुस्तिका (Service Book) में ‘निंदा प्रविष्टि’ दर्ज की गई।
एसपी का कड़ा संदेश: अर्दली रूम के समापन पर पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में अनुशासन हीनता और कार्य के प्रति लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि: आम जनता से जुड़े मामलों और विवेचनाओं का निपटारा निर्धारित समयावधि में करें। वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित हो।
कर्तव्यों के प्रति सजग रहें, अन्यथा भविष्य में और भी कठोर दंडात्मक कार्यवाही (जैसे निलंबन या सेवा समाप्ति) की जा सकती है।
“पुलिस का दायित्व जनता की सेवा और कानून का शासन स्थापित करना है। इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता अक्षम्य है।” — पुलिस अधीक्षक, कटनी

