जबलपुर हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज रोहित आर्या ने राजधानी भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में भाजपा की सदस्यता लेने के साथ ही अपनी सियासी पारी की शुरुआत की दी। उत्साह प्रदर्शित करते हुए उन्होंने कहा कि न्यायदान के उपरांत अब जनता के बीच सक्रिय रहकर जनसेवा का मन बना लिया।
मध्य प्रदेश के जबलपुर से वकालत की शुरुआत करने वाले न्यायमूर्ति रोहित आर्या तीन माह पूर्व सेवानिवृत्त हुए थे। एक दशक पूर्व न्यायाधीश नियुक्त हुए थे। न्यायमूर्ति राेहित आर्या ने सेवानिवृत्ति के साथ ही भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है।
कई मामलो में उन्होंने सुनवाई के बीच में ही न केवल ठीक से बहस न करने वाले वकीलों को फटकार लगाई। प्रशासनिक अधिकारियों को आईना दिखाया। आरोपितों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई के दिशा-निर्देश जारी किए थे।
विशेषकर स्टेंडअप कमेडियन मुनव्वर फारूकी और एक महिला की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले आरोपित के विरुद्ध सुनाए गए निर्णय की चर्चा आज भी होती है। उन्होंने मुनव्वर को बेल नहीं दी थी।
न्यायमूर्ति रोहित आर्या तीन महीने पहले सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने एक दशक से अधिक अवधि तक न्यायदान किया। वे न्यायमूर्ति रहने के दौरा अपने कई महत्वपूर्ण आदेशों के लिए चर्चित रहे। यही वजह है कि उनकी न्यायदान प्रक्रिया के कई वीडियो इंटरनेट मीडिया में अब तक चर्चित बने हुए हैं।

