नई दिल्ली, 23 मार्च 2026:मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत को राहत: अर्जेंटीना ने LPG सप्लाई दोगुनी कर भेजी 50,000 टन पश्चिमी एशिया में जारी संकट के बीच भारत के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। खाड़ी देशों से ऊर्जा आपूर्ति पर संभावित असर के बीच अर्जेंटीना भारत के लिए एक मजबूत विकल्प बनकर उभरा है और उसने एलपीजी (LPG) की सप्लाई दोगुनी कर दी है।
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तीन महीनों में दोगुनी सप्लाई
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, साल 2026 के शुरुआती तीन महीनों में अर्जेंटीना ने भारत को 50,000 टन LPG भेजी है, जबकि 2025 में यह आंकड़ा सिर्फ 22,000 टन था। यानी सप्लाई में दो गुने से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है।
संकट के बीच सुरक्षित रही रसोई गैस,
मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी रहती है, लेकिन इस बार भारत ने समय रहते अपने सप्लाई स्रोतों को विविध बनाया।बाहिया ब्लांका पोर्ट से 39,000 टन गैस पहले ही भेजी गई थी5 मार्च को 11,000 टन का नया कार्गो भारत पहुंचाइससे देश में LPG की उपलब्धता बनी रही और आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ा।
तेजी से उभरता ऊर्जा साझेदार
2024 से पहले अर्जेंटीना से भारत को LPG निर्यात नहीं होता थाअब यह देश भारत के प्रमुख सप्लायर्स में शामिल हो गया है2025 में उत्पादन बढ़कर 2.63 मिलियन टन पहुंच गया2026 में नई NGL यूनिट से उत्पादन और बढ़ने की उम्मीद
व्यापारिक रिश्ते भी मजबूत
भारत और अर्जेंटीना के बीच आर्थिक संबंध भी तेजी से मजबूत हो रहे हैं।2025 में द्विपक्षीय व्यापार 36.77% बढ़कर 6.34 अरब डॉलर पहुंचाभारत अर्जेंटीना का पांचवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन चुका हैखाद्य तेल, दालें, अनाज और रसायनों का बड़ा हिस्सा भी वहीं से आता है
भविष्य की ऊर्जा पर फोकस
दोनों देश अब ऊर्जा और संसाधनों के क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी की ओर बढ़ रहे हैं।ONGC Videsh और YPF के बीच तेल-गैस सहयोगKABIL द्वारा लिथियम ब्लॉक्स का अधिग्रहणमिडिल ईस्ट संकट के बीच अर्जेंटीना ने भारत के लिए संजीवनी का काम किया है। LPG सप्लाई में बढ़ोतरी से न सिर्फ ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है, बल्कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी भी नई ऊंचाई पर पहुंच रही है।
